दिल्ली का सबसे बड़ा फांदेबाज 'मोबाइल किलर' गिरफ्तार, महंगे फोन इस्‍तेमाल करने वालों को बनाता था निशाना

दिल्ली समाचार
निकेश सिंह
निकेश सिंह | रिपोर्टर
Updated Jul 25, 2020 | 14:28 IST

Delhi Crime: दिल्‍ली पुलिस ने महंगे मोबाइल फोन इस्‍तेमाल करने वाले दुकान मालिकों को न‍िशाना बनाने वाले एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह मोबाइल को खोलकर एक एक पुर्जे को बेच डालता था।

दिल्ली का सबसे बड़ा फांदेबाज 'मोबाइल किलर' गिरफ्तार, महंगे फोन इस्‍तेमाल करने वालों को बनाता था निशाना
दिल्ली का सबसे बड़ा फांदेबाज 'मोबाइल किलर' गिरफ्तार, महंगे फोन इस्‍तेमाल करने वालों को बनाता था निशाना 

मुख्य बातें

  • दिल्‍ली में पुलिस ने महंगे मोबाइल फोन को खोलकर उसके पुर्जे बेचने वाले शख्‍स को गिरफ्तार किया है
  • पुलिस ने करीब 400-500 सीसीटीव फुटेज को खंगालकर अपराधी का पूरा हुलिया हासिल किया
  • वह सप्ताह में 2 या 3 शिकार करता था, उसके पास से मोबाइल फोन और एसेसरीज बरामद हुए हैं

नई दिल्‍ली : किसी इंसान की हत्या करने वाले किलर तो बहुत सुने और देखे होंगे मगर एक ऐसा मोबाइल किलर जो मोबाइलों की हस्ती को इस तरह मिटाता था कि उस मोबाइल का नामों निशान तक नहीं मिलता था। यह महंगे मोबाइल को खोलकर एक एक पुर्जे को बेच डालता था। iphone के ऑरिजनल पार्ट्स हाथो हाथ बिक जाते थे।

दिल्ली पुलिस के ने दुनिया के सबसे महंगे iphone मोबाइलों की चिटिंग करने वाले अमित शर्मा को गिरफ्तार किया है जिसने अपनी शातिराना चाल से लोगों के बेहिसाब कीमती मोबाइलों उड़ाया। दिल्ली का ऐसा कोई कोना नहीं बचा, जहां इसने अपने शातिराना तरीके का इस्तेमाल मोबाइल उड़ाने के लिए न किया हो। दिल्ली के तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा थानों में यह मुलजिम है और तकरीबन 30 मुकदमे इसपर दर्ज हुए हैं।

ऐसे उड़ाता था महंगे मोबाइल

मगर यह इस बार दक्षिण दिल्ली के लोधी कॉलोनी पुलिस के जाल में फंस गया है। इसके पास से बड़ी तादाद में मोबाइल फोन और कीमती मोबाइल फोन की एसेसरीज बरामद हुई है। इस आरोपी का नाम अमित शर्मा है जो दिल्ली के शाहदरा का रहने वाला है। जालसाजी करके कीमती मोबाइल उड़ा ले जाना इसका पेशा बन चुका है और यह 2006 से जालसाजी करता आ रहा है। इसने रोज रोज पुलिस और कानून से खुद को बचाने के लिए एक महिला वकील से प्रेम विवाह भी कर लिया था। मगर जब उसको इसके गोरखधन्धे का पता चला तो उसने इससे तलाक ले लिया था।

इसका अपराध करने का तौर तरीका बिल्कुल अलग था। यह पहले बड़े महंगे शो रूम और दुकानों पर जाकर रेकी करता था कि कौन सा दुकान मालिक महंगे मोबाइलों को इस्तेमाल करता है। यह iphone 11pro और iphon10 X,  samsung s10 सीरीज के फोन इस्तेमाल करने वालों को खास टारगेट करता था। यह नामी कम्पनी का फर्जी नुमाइंदा बनकर खरीदार के रूप में अपने आपको पेश करता था, उनको सामान का बड़ा आर्डर दे देता था और पेमेंट के लिए उसी कम्पनी की बिल्डिंग के पास बुला लेता था। उसके सामने पेमेंट मंगवाने का झूठा ड्रामा करता था। सामने वाले को जब विश्वास हो जाता था कि पेमेंट के लिए इसने फोन किया है तो कुछ देर बाद फिर फोन मिलाता था और उसके सामने फोन न मिलने का नाटक करता था और जल्दी पेमेंट मंगवाने की बात कह कर उसका फोन मांग लेता था। उसके फोन से बात करता करता, फिर चुपचाप उसकी नजर फिरते ही भाग जाता था। इस प्रकार यह  कई सालों से सैकड़ों लोगों को चुना लगा चुका है। लॉकडाउन के दौरान सिर्फ 2 महीनें में 26 लोगों से मोबइल चीट करनी वारदात कर चुका है ।

सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग

इस बार इसने दक्षिणी दिल्ली के लोधी कॉलोनी में NBCC कम्पनी का नाम लेकर दो लोगों के साथ यही खेल खेला और iphone मोबाइल लेकर फरार हो गया। उसने कोटला मुबारकपुर व जंगपुरा के दो ऐसे कारोबारियों को जिनके पास iphone 11 pro व ihone 10 X मोबाइल फोन थे, को अपने जाल में फांस कर थाना लोधी कॉलोनी के एरिया में NBCC बिल्डिंग की पार्किंग में कोई बहुत बड़ी डील फाइनल करने के लिए बुलाकर उनके मोबाइल फोन लेकर भागकर चीट कर लिया। थाना लोधी कॉलोनी की पुलिस ने उसको पकड़ने की ठान ली। एसीपी कुलबीर सिंह और थाना SHO सुनील ढाका ने इसको पकड़ने के लिए दुकानों और शोरूम से उसकी पहचान के लिए CCTV की तस्वीरें जुटाई। पुलिस ने  शिकायतकर्ताओं को तस्वीरें दिखाकर शिनाख्त करवाई। थाने की एक टीम बनाई गई, जिसमें SI जितेंद्र, SI आनंद कुमार, PSI अचल, PSI देवेन्द्र, हैड कांस्टेबल संदीप, सिपाही विजय, आनंद, अमित त्यागी को उन लोकेशन पर लगाया गया। 

जहां-जहां उसके द्वारा चिटिंग किए फोन की लास्ट लोकेशन आई थी। पुलिस उसी लोकेशकन के आस पास के बाजारों में सीसीटीवी से मिली तस्वीर के हुलिए के शख्स को तलाशने लगी। CDR निकलवाकर जांच करने लगी लेकिन अपराधी इतना शातिर था कि उसके उस मोबाइल से जो भी इनकमिंग या आउटगोइंग कॉल थी वो सिर्फ उन्हीं व्यक्तियों की थी जिनको या तो अपराधी अपना शिकार बना चुका था या उनमे से कुछ लोग शिकार बनते बनते बच गए थे।

400-500 सीसीटीव फुटेज खंगाले गए

लोधी कॉलोनी की पुलिस ने इसे एक चुनौती के रूप में लेते हुवे दिन रात उनका पीछा किया और जहां जहां उसने पिछले 3-4 महीनों में वारदात की थी वहां से वक एक सबूत जुटाने शुरू किए, जो इस दौरान पुलिस ने करीब 400-500 सीसीटीव फुटेज को खंगालकर अपराधी का पूरा हुलिया हासिल कर लिया और उसके पीछे दिन रात लग गए। अपराधी सप्ताह में 2 या 3 शिकार करता था और अपना एक फोन जिसको अपराध के लिए प्रयोग में करता था उससे मजबूरी में अपने शिकार को सिर्फ एक या दो काल इस आत्मविश्वास के साथ करता था कि उसे कोई इस काल से पकड़ ही नहीं पाएगा, क्योंकि ना तो सिम कार्ड उसके नाम पर ओर ना ही किसी अपने जानकार को ही वो उस मोबाइल नंबर से फोन करता है। पुलिस को कुछ दिनों बाद सफ़लता मिल गई यह मोबाइलों फांदेबाज दक्षिण दिल्ली के आईएनए मार्किट में घूमता मिल गया। नए ग्राहक की तलाश में INA मार्किट में आया था और उसके हुलिए के आधार पर थाना लोधी कॉलोनी की पुलिस ने उसको धर दबोचा।

अमित व उसके साथियों प्रदीप, माइकल व संजय के पास से सैकड़ों की तादाद में टुकड़े किए हुए कीमती मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस  जांच से पता चला है कि लाकडाउन के पीरियड में जमकर लोगों को चूना लगाया है। इसका रौजाना 2 महंगे मोबाइल चीटिंग करने का सिलसिला था। लाकडाउन पीरियड में इसके द्वारा किए गए ठगी के कारनामों के तकरीबन 30 मुकदमे मिले हैं।

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