3 नवंबर से पटाखा विरोधी अभियान शुरू करेगी दिल्ली सरकार, प्रदूषण को देखते हुए सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि दिल्ली में इस दिवाली पर सिर्फ ‘हरित’ पटाखे ही बनाए, बेचे और इस्तेमाल किए जा सकेंगे। पटाखों के खिलाफ अभियान भी चलाया जाएगा।

Gopal Rai
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय 

मुख्य बातें

  • दिल्ली में दिवाली पर सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बनाए, बेचे और इस्तेमाल की अनुमति
  • दिल्ली सरकार 3 नवंबर को पटाखे चलाने के खिलाफ अभियान शुरू करेगी

नई दिल्ली: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण के मद्देनजर  कहा कि इस दिवाली दिल्ली में केवल 'ग्रीन' पटाखों का निर्माण, बिक्री और उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार 3 नवंबर से पटाखे-विरोधी अभियान शुरू करेगी। यह दिवाली के बाद भी जारी रहेगा। मैं दिल्लीवासियों से अनुरोध करता हूं कि COVID-19 महामारी के कारण स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 'पटाखा नहीं' अभियान शुरू करें। 

राय ने कहा, '2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दिल्ली सरकार ने सिर्फ 'Green crackers' के इस्तेमाल की इजाजत देने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार 11 'Anti-cracker squad' बनाएगी। अगर किसी निर्माता, विक्रेता के पास ग्रीन क्रैकर के अलावा ट्रेडिशनल पटाखे मिलते है तो सख्त कार्यवाही की जाएगी।'

'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान

प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान भी चला रही है। गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को दिल्ली सरकार के वाहन प्रदूषण-निरोधक अभियान में शामिल होने के लिए पांच लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान में राष्ट्रीय राजधानी के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। दो नवंबर तक यह शहर के सभी 272 वार्डों तक पहुंच जाएगा। राय ने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल पर इंतजार करते समय वाहनों का इंजन बंद करने से वाहनों से होने वाले प्रदूषण में 15-20 फीसदी की कमी आ सकती है। 

दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली जलाए जाने की हिस्सेदारी मंगलवार को बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई, जोकि इस मौसम की सर्वाधिक है। वायु गुणवत्ता पर निगरानी रखने वाली केन्द्र सरकार की एजेंसी 'सफर' ने यह जानकारी दी। एजेंसी ने बताया कि सोमवार को यह 16 प्रतिशत जबकि रविवार को 19 प्रतिशत थी। सफर ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने के मामलों की संख्या सोमवार को 1,943 रही, जो इस सीजन में सबसे अधिक है।

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