दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- कोरोना को रोकने के लिए जरूरी, ऐहतियाती कदम उठाए गए

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस साल मार्च में महामारी शुरू होने के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सभी जरूरी और ऐहतियाती कदम उठाए गए।

Coronavirus
कोरोना वायरस 

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि इस साल मार्च में महामारी शुरू होने के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सभी जरूरी और ऐहतियाती कदम उठाए गए। दिल्ली सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में नवंबर से संक्रमण की तीसरी लहर शुरू हो गयी और गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और नीति आयोग तथा आईसीएमआर जैसी विशेषज्ञ एजेंसियों के सहयोग और मार्गदर्शन के साथ अब तक कोविड-19 की स्थिति से सफलतापूर्वक निपटा गया।

राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के लिए केंद्र ने 27 नवंबर को दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि कई बार हिदायतों के बावजूद उसने खासकर आरटी-पीसीआर जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी, न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने दिल्ली सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे को रिकॉर्ड पर रखा। पीठ ने कहा कि अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के उपचार के संबंध में वह मामले पर बुधवार को सुनवाई करेगी।

हलफनामे में कहा गया, 'मार्च में दिल्ली में कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से दिल्ली सरकार ने संस्थानिक व्यवस्था और प्रबंधन (प्रयोगशाला और अस्पताल), विभिन्न विभागों के बीच तालमेल के जरिए संक्रमण को रोकने लिए सभी जरूरी और ऐहतियाती कदम उठाए।' इसमें कहा गया कि एक जून के बाद से सरकारी अस्पतालों में और आईसीयू बेड को जोड़ने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया। दिल्ली सरकार ने कहा कि निजी अस्पतालों में भी आईसीयू बेड बढ़ाए गए।

केंद्र सरकार के दावों के विपरीत दिल्ली सरकार ने आगे कहा कि शहर में त्योहार के दौरान मामलों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार के सहयोग, मार्गदर्शन में पिछले 15 दिनों में आईसीयू बेड की क्षमता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। दिल्ली सरकार ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 5010 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं और मंत्रिमंडल ने सीएसआईआर से 1200 बाइलेवल पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (एक प्रकार का वेंटिलेटर) खरीदने को मंजूरी दी।

जांच के संबंध में दिल्ली सरकार ने कहा कि आरटी-पीसीआर के जरिए जांच की विस्तृत योजना बनायी गयी और नमूने एकत्र करने का काम शुरू किया गया। घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने के संबंध में हलफनामे में कहा गया कि सभी जिलों में 20 नवंबर से सर्वेक्षण शुरू किया गया और 29 नवंबर तक 80,30,979 लोगों के स्वास्थ्य का पता लगाया गया। दिल्ली सरकार ने दावा किया कि लगातार प्रयासों के कारण पिछले सप्ताह से संक्रमण के मामलों में कमी आ रही है।
 

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