Coronavirus delhi update: दिल्‍ली में जल्‍द बनेगा दूसरा प्‍लाज्‍मा बैंक, LNJP में चल रही तैयारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 13, 2020, 04:03 PM IST

Coronavirus delhi update: दिल्‍ली में दूसरा प्‍लाज्‍मा बैंक बनाने का फैसला लिया गया है, जिसके लिए एलएनजेपी में तैयारियां जारी हैं। इसके जल्‍द संचालन में आने की उम्‍मीद है।

Coronavirus delhi update: दिल्‍ली में जल्‍द बनेगा दूसरा प्‍लाज्‍मा बैंक, LNJP में चल रही तैयारी
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नई दिल्‍ली : कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ जंग के बीच दिल्‍ली में दूसरा प्लाज्‍मा बैंक बनाने का फैसला लिया गया है। यह प्‍लाज्‍मा बैंक दिल्‍ली के लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल में बनाया जाएगा और जल्‍द ही यह संचालन में आ जाएगा। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को बताया कि इसके लिए तैयारियां जारी हैं। उन्‍होंने इस संबंध में डॉक्टरों के साथ बैठक भी की है और निर्देश दिया कि प्लाज्मा दान करने आ रहे लोगों को सुरक्षित महसूस कराया जाए।

प्‍लाज्‍मा थेरेपी बेहद अहम

कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में प्‍लाज्‍मा थेरेपी को काफी अहम माना जा रहा है और इस लिहाज से दिल्‍ली सरकार के इस कदम को काफी महत्‍वपूर्ण समझा जाता है। हाल के दिनों में दिल्‍ली में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है, हालांकि फिर भी यहां संक्रमण के कुल केस 1.12 लाख से ज्‍यादा हैं, जबकि 3,371 लोगों की अब तक जान जा चुकी है। हालांकि रिकवरी रेट यहां 79.97 फीसदी बताई जा रही है, जो कोरोना संकट के बीच बड़ी राहत की बात हो सकती है।

दिल्‍ली में संक्रमण के मामलों में कमी

दिल्‍ली में रविवार को भी संक्रमण के 1,573 नए मामले सामने आए थे। यह जुलाई माह में शनिवार के बाद रविवार को पहला दिन रहा, जब 24 घंटों के दौरान संक्रमण के 2,000 से कम मामले दर्ज किए गए। शनिवार को यहां संक्रमण के 1,781 केस सामने आए थे। दिल्‍ली में अब तक कुल 89,968 मरीज संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, जबकि फिलहाल 19,155 मरीज उपचाराधीन हैं। दिल्‍ली में कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्‍या कम होने में पल्स ऑक्सीमीटर को काफी अहम माना जा रहा है, जिस बारे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया था।

पल्स ऑक्सीमीटर की भूमिका अहम

पल्स ऑक्सीमीटर रक्त में ऑक्सीजन के स्तर को मापने का उपकरण है, घर में क्‍वारंटीन मरीज अगर अपने ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट पाते हैं तो वे मदद के लिए स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों से संपर्क करते हैं और फिर उन्‍हें तुरंत उनके घर ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर भेज दिया जाता है या फिर उन्‍हें अस्पताल ले जाया जाता है। स्वास्थ्य दिशानिर्देशों के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर अगर 90 फीसदी या उससे नीचे चला जाता है तो उसे अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होती है।

इस बीच देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 8,78,254 हो गए हैं। बीते 24 घंटों में यहां कोरोना संक्रमण के 28,701 नए केस सामने आए हैं। वहीं देशभर में संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्‍या बढ़कर 23,174 हो गई है।
 

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