दिल्ली मिंटो ब्रिज घटना के लिए आईटीओ पर बीजेपी का बना दफ्तर जिम्मेदार, अब सियासी लड़ाई

delhi minto bridge incident: रविवार को एक शख्स की जान इसलिए चली गई कि वो जलभराव में फंस गया। लेकिन पहले की तरह राजनीतिक दल एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

दिल्ली मिंटो ब्रिज घटना के लिए आईटीओ पर बीजेपी का बना दफ्तर जिम्मेदार, अब सियासी लड़ाई
मिंटो ब्रिज हादसे पर शुरू हुई सियासत 

मुख्य बातें

  • दिल्ली में भारी बारिश की वजह से एक शख्स की गई जान और बह गए आशियाने
  • दिल्ली मिंटो ब्रिज हादसे पर पर अब राजनीति शुरू
  • आम आदमी पार्टी ने आईटीओ पर बीजेपी दफ्तर को बताया जिम्मेदार

नई दिल्ली। रविवार की सुबह दिल्ली और एनसीआर के लिए खुशगवार थी। लेकिन मिंटो ब्रिज के नीचे एक टेंपो ड्राइवर की जान जलभराव की वजह से हो गई तो उत्तरी दिल्ली में कुछ आशियाने इस तरह भरभराकर गिर गए जैसे कोई पहाड़ी इलाके में भूस्खलन हुआ हो। जाहिर सी बात है कि इस पर  सियासत शुरू हो गई। दिल्ली सरकार ने कहा कि हम मानते हैं कि कुछ कमी रही होगी लेकिन सच यह भी है कि सरकार के विभाग कोविड 19 से लड़ने में व्यस्त हैं, फिर भी हमें सामांजस्य बनाकर चलना होगा। अब इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। 


आप ने बीजेपी का ठहराया जिम्मेदार
बीजेपी ने कहा कि मिंटो ब्रिज हादसे के लिए सीधे तौर पर दिल्ली सरकार ही जिम्मेदार है, आखिर नगर निगम अपनी सीमा का अतिक्रमण कैसे कर सकता है। अब इस तरह के सियासी बयान पर आप विधायक राघव चड्ढा ने सीधे तौर पर आईटीओ के पास बने बीजेपी दफ्तर को जिम्मेदार ठहरा दिया। आम आदमी पार्टी का तर्क है कि भाजपा का ITO पर मिंटो ब्रिज के पास एक दफ्तर बना। उस कंस्ट्रक्शन के चलते दिल्ली जल बोर्ड की पानी की और सीवरेज की लाइनें ब्लॉक हो गईं और उस वजह से हादसा हुआ। 

आम आदमी पार्टी को आरोप लगाने की आदत
आप के इन आरोपों पर बीजेपी का कहना है कि दिल्ली सरकार की यह खासियत है कि जब वो व्यवस्था को संभाल नहीं पाते हैं तो किसी न किसी पर तोहमत लगा देते हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जब वो नाकाम हुआ तो केंद्र सरकार पर आरोप लगा दिया। लेकिन अच्छी बात यह रही है कि उनके अरविंद केजरीवाल जी को यह बात समझ में आ गई  कि आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा, बिना केंद्र की मदद से वो कोरोना के खिलाफ कारगर लड़ाई नहीं लड़ सकेंगे और अपने नजरिये को बदला। 

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