...आखिर 10 महीने बाद 10वीं और 12वीं के छात्रों ने देखा दिल्ली में स्कूल का मुंह, ऐसा रहा पहला दिन

दिल्ली में करीब 10 महीने बाद 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खुल गए हैं, छात्रों के लिए ये मौका खास रहा, कई स्कूलों में स्टूडेंट्स का स्वागत फूलों से किया गया तो वहीं कुछ स्कूलों को सजाया भी गया था।

delhi school reopen
दिल्ली सरकार ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर 10वीं और 12 वीं कक्षा के लिए 18 जनवरी से स्कूल खोलने की अनुमति दी थी  |  तस्वीर साभार: ANI

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में करीब 10 महीने बाद सोमवार को खुले स्कूलों में 10वीं और 12वीं (10th & 12th Class) के छात्रों का गुब्बारों, फूलों, सेनिटाइजर और मुस्कुराते चेहरों के साथ स्वागत किया गया। कोरोना वायरस महामारी (Corona Pandemic) के मद्देनजर करीब 10 महीने से अधिक समय बाद सोमवार को स्कूल खुले। इस दौरान छात्र मास्क (Mask) पहने और स्कूल के बाहर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पंक्तिबद्ध दिखे। दिल्ली सरकार ने कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर के स्कूलों को 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 18 जनवरी से खोलने की अनुमति दी है। हालांकि विद्यार्थियों के लिए स्कूल आना अनिवार्य नहीं हैं, वे चाहें तो अब भी ऑनलाइन कक्षाएं (Online Classes) ले सकते हैं।
स्कूलों ने यहां गलियारों में 'वापसी पर स्वागत है' (Welcom Back) के पोस्टर लगाए और शिक्षक हाथ में सेनिटाइज़र लिए खड़े थे। स्कूलों में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक छात्रों का तापमान भी मापा गया। मंडावली में ‘सर्वोदय कन्या विद्यालय’ के परिसर को गुब्बारों से सजाया गया था और छात्रों के आने पर शिक्षकों ने उन पर फूल भी बरसाए।

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी सोमवार को चिराग एनक्लेव के एक स्कूल का दौरा कर तैयारी का जायजा लिया। सिसोदिया ने कहा, 'लंबे वक्त बाद स्कूल में बच्चों से मिलकर वाकई अच्छा लगा। वे सुरक्षा मानकों के हिसाब से नए माहौल में खुद को ढाल रहे हैं लेकिन अपने दोस्तों से मिलकर वे बेहद खुश हैं। शिक्षक भी छात्रों से मिलकर खुश हैं। उनका कहना है कि इससे उनके जीवन का खालीपन भर गया है।'

कक्षा 12वीं की छात्रा प्रगति ने कहा, 'यह वैकल्पिक था लेकिन मुझे आना ही था। यह मेरे स्कूल का आखिरी साल है और मैं इस साल एक दिन भी स्कूल नहीं आ पाई थी।' 'गीता बाल भारती स्कूल' की एक अन्य छात्रा ने कहा, 'ऐसा नहीं लग रहा कि मैं 10 महीने बाद स्कूल आ रही हूं, बल्कि ऐसा लग रहा है कि मैं पहली बार स्कूल आई हूं। मैं बोर्ड की परीक्षा की तैयारी को लेकर उत्साहित हूं।'

इस अकादमिक सत्र में पहली बार 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खोले गए हैं। इस दौरान छात्रों को अलग-अलग समय बुलाया गया है और परिसर को बार-बार संक्रमणमुक्त करने की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय राजधानी में 10 महीने बाद स्कूल खुले हैं।

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पिछले साल मार्च में स्कूलों को बंद कर दिया गया था। विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि सोमवार से स्कूल खुलने पर कोविड-19 संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।

दिल्ली सरकार ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर 10वीं और 12 वीं कक्षा के लिए 18 जनवरी से स्कूल खोलने की अनुमति दी थी। साथ ही स्पष्ट कर दिया था कि छात्रों को अभिभावकों की सहमति से ही (स्कूल) बुलाया जाएगा, स्कूल आना किसी के लिए भी अनिवार्य नहीं होगा। दिल्ली में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए तीन लाख से ज्यादा छात्रों ने पंजीकरण कराया है जबकि 12वीं कक्षा के लिए 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है।

गौरतलब है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए पहले ही बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर चुका है।

ये परीक्षाएं चार मई से 10 जून के बीच होंगी। दिल्ली सरकार ने पहले सुझाव दिया था कि स्कूलों में कक्षा 12वीं के लिए 20 मार्च से 15 अप्रैल के बीच प्री बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित की जाएं जबकि कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए एक अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच प्री बोर्ड के इम्तिहान लिए जाएं।
 

Delhi News in Hindi (दिल्ली न्यूज़), Times now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Network Hindi पर। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें।

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर