गोवा में प्रमुख सियासी ताकत बनकर उभरी AAP, मुद्दों के जरिए बनाई पहचान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 6, 2020, 04:09 PM IST

AAP in Goa: गोवा की राजनीति में जनता से जुड़ने एवं एक अहम राजनीतिक दल के रूप में उभरने के बाद आप पार्टी ने पहली बार साल 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा।

गोवा में प्रमुख सियासी ताकत बनकर उभरी AAP, मुद्दों के जरिए बनाई पहचान
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नई दिल्ली : सियासत की यात्रा में आम आदमी पार्टी (AAP) का ज्यादा समय नहीं हुआ है लेकिन राजनीतिक मुद्दों पर इसकी आवाज मुखर रूप से उभरी है। इसने अपने संघर्षों एवं मुद्दों के जरिए राजनीतिक विमर्शों को बदला है। राजनीति में आप का अभी एक दशक भी नहीं हुआ है लेकिन इसने अपनी राजनीति और जनता के साथ संवाद के जरिए सियासत में एक अलग जगह बना ली है। दिल्ली में आप की सरकार है। पंजाब, गोवा सहित कई राज्यों में यह एक प्रमुख राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है। पंजाब में वह एक ताकतवर विपक्ष की भूमिका में है तो गोवा में एक विकल्प के रूप में उभरी है। 

AAP गोवा की अगर बात करें तो यहां के नेता शुरू से ही अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़े रहे। आर नगरशेखर, दिनेश वघेला एवं वाल्मीकि नाइक जैसे नेताओं ने आम आदमी पार्टी की विचारधारा को राज्य में प्रसारित करने एवं पार्टी का जनाधार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। गोवा की राजनीति में जनता से जुड़ने एवं एक अहम राजनीतिक दल के रूप में उभरने के बाद आप पार्टी ने पहली बार साल 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, इस चुनाव में पार्टी को दोनों सीटों नॉर्थ गोवा एवं साउथ गोवा पर सफलता तो नहीं मिली लेकिन लोगों के बीच इसने अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। 

AAP Goa

आगे चलकर पार्टी ने 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ा। इस चुनाव में आप कोई सीट तो नहीं जीत पाई लेकिन अपने प्रदर्शन से भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों को चौंका दिया। इस चुनाव में पार्टी को 6.7 प्रतिशत वोट मिला। भाजपा एवं कांग्रेस जैसी दिग्गज दलों के बीच अपनी राजनीतिक जमीन की तलाश कर आपने यह संकेत दे दिया कि वह लंबी रेस का घोड़ा है। जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर वह आज राज्य की एक प्रमुख पार्टी और आवाज बन गई है। जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर और अपने संघर्षों एवं आंदोलनों के जरिए पार्टी लगातार अपने जनाधार को विस्तार दे रही है। 

Rahul mahambre

लॉकडाउन के दौरान गोवा में महंगी दर पर मछली बेचे जाने के मुद्दे को पार्टी ने प्रमुखता से उठाया। पार्टी ने राज्य सरकार पर मछली एजेंटों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। आप नेता रामिरो ने कहा कि बाजार बंद हैं लेकिन कई जगहों पर मछली एजेंटों की मिलीभगत से मछलियां बेची जा रही हैं। इन जगहों पर लॉकडाउन और सोशल डिस्टैंसिंग नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। मछली की ज्यादा कीमत का मुद्दा उठाने पर पार्टी को बड़े पैमाने पर जनसमर्थन मिला।

कुछ दिनों पहले आप के राज्य संजोयक राहुल महाम्ब्रे ने महादेई जल विवाद मसले पर कांग्रेस की ओर से अपनाए गए रुख पर गंभीर सवाल खड़े किए। आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अपने राजनीतिक फायदे के लिए महादेई मसले का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने गोवा के लोगों को उनकी हालत पर छोड़ दिया है। महाम्ब्रे ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा लोगों के साथ खड़ी रहेगी।

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