Delhi Metro के 7 स्टेशन कल किए जा सकते हैं बंद, किसानों के प्रर्दशन को लेकर प्रशासन सतर्क

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 18, 2021, 05:37 PM IST

मानसून सत्र के दौरान किसानों के संसद घेराव को देखते हुए दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी के तहत कल 7 स्टेशनों को बंद भी किया जा सकता है।

Delhi Metro के 7 स्टेशन कल किए जा सकते हैं बंद, किसानों के प्रर्दशन को लेकर प्रशासन सतर्क

नई दिल्ली:  मानसून सत्र के दौरान किसानों द्वारा संसद का घेराव करने की घोषणा करने के बाद दिल्ली पुलिस सतर्क हो गई है। सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मेट्रो प्रशासन को अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो को किसानों के कल के संसद घेराव कार्यक्रम के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो को सात मेट्रो स्टेशनों पर अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा है। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर उन्हें बंद करने को भी कहा है।

ये स्टेशन रह सकते हैं बंद

इस बीच दिल्ली पुलिस ने कोविड ​​दिशानिर्देशों के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने किसानों को संसद के पास अपनी विरोध योजना पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है और कहा है कि वह अभी इसकी अनुमति नहीं दे सकते। खबरों की मानें तो ये सात स्टेशन जनपथ, लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, उद्योग भवन हो सकते हैं। इन स्टेशनों पर अतिरिक्त सतर्कता रहेगी।

किसानों ने अस्वीकार किया दिल्ली पुलिस का प्रस्ताव

 इस बीच दिल्ली पुलिस ने रविवार को किसान संगठनों से 22 जुलाई से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संसद के समक्ष प्रस्तावित प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों की संख्या कम करने को कहा था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। यह जानकारी किसान संगठन के एक नेता ने दी। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्का ने कहा, ‘हमने पुलिस को सूचित किया कि मॉनसून सत्र के दौरान प्रतिदिन 200 किसान सिंघू बॉर्डर से संसद प्रदर्शन करने जाएंगे। यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा और प्रदर्शकारी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बिल्ले लगाएंगे।’

सरकार ने बुलाई थी सर्वदलीय बैठक

आपको बता दें कि संसद के मॉनसून सत्र से एक दिन पहले रविवार को सरकार द्वारा बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्षी दलों ने अलग बैठक की। विपक्ष की बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग(आईयूएमएल), आरएसपी, शिवसेना और आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने भाग लिया।
 

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