कोरोना लॉकडाउन में नहीं मिल रही थी सिगरेट, देने से मना करने पर चाकू- पेचकश से ली जान

कोरोना लॉकडाउन के बीच सिगरेट और नशीले पदार्थ नहीं मिलने की वजह से लोग अपराध के रास्ते पर जाते नजर आ रहे हैं। एक शख्स ने सिगरेट देने से मना करने पर जान तक ले ली।

Murder due to lack of cigarette
प्रतीकात्मक तस्वीर 

मुख्य बातें

  • कोरोना लॉकडाउन के बीच बंद हुई नशीले पदार्थों की बिक्री
  • एक शख्स के सिगरेट देने से मना करने पर ली जान
  • नशीली पदार्थों की बिक्री बंद होने और कमी की वजह से बढ़ रहे अपराध

मुंबई: महाराष्ट्र के कल्याण से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक 38 वर्षीय व्यक्ति को कथित तौर पर एपीएमसी बाजार के पास सिगरेट देने से मना करने पर दो पुरुषों द्वारा कथित रूप से चाकू मार दिया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए एक मेनहंट शुरू किया है।

सिगरेट की कमी से अपराध बढ़े?
पीड़िता की पहचान अरविंद शंकर कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। वह कल्याण के एपीएमसी बाजार में सब्जी बेचता था। पुलिस को संदेह है कि कोरोनो वायरस महामारी के कारण पान की दुकानों के बंद होने और तंबाकू उत्पादों को बेचने वाले आउटलेट्स के बंद होने के कारण सिगरेट की कमी के कारण अपराध बढ़ गए हैं।

आदमी ने छाती में चाकू मारा, पेचकश से पेट पर किया वार
मृतक सब्जी विक्रेता कल्याण के गोविंद वादी इलाके में अपने चचेरे भाई के साथ रहता था। वह आनंद गुप्ता के रूप में पहचाने जाने वाले व्यक्ति के लिए काम करता था। मुंबई मिरर से बात करते हुए, आनंद कुमार ने कहा कि अरविंद एपीएमसी बाजार में एक शौचालय के पास धूम्रपान कर रहा था। दो लोगों ने उसे देखा और उसे सिगरेट देने का अनुरोध किया। जब अरविंद ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, तो दोनों लोग चिढ़ गए। उन्होंने कथित तौर पर पेट और छाती में एक पेचकश से कई बार वार किए।

गंभीर चोटें, इलाज के दौरान मौत
गुप्ता के अनुसार, कुमार को कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल ले जाया गया और फिर इलाज के लिए मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, दो कथित हत्यारों की ओर से उन्हें पहुंचाई गई चोटें इतनी गहरी थींं कि वह जिंदगी की लड़ाई हार गए और इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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