अरबी सीखने गई 5 साल की मासूम के साथ टीचर की गंदी हरकत, कोर्ट ने सुनाई सजा, यूं हुआ था खुलासा

मुंबई में अरबी सीखने गई पांच साल की मासूम को टीचर ने पॉर्न दिखाया था, जिस बारे में उसने अपनी मां को बताया था। पॉक्‍सो एक्‍ट के तहत गठित विशेष अदालत ने इस मामले में टीचर को सजा सुनाई है।

अरबी सीखने गई 5 साल की मासूम के साथ टीचर की गंदी हरकत, कोर्ट ने सुनाई सजा, यूं हुआ था खुलासा
अरबी सीखने गई 5 साल की मासूम के साथ टीचर की गंदी हरकत, कोर्ट ने सुनाई सजा, यूं हुआ था खुलासा  |  तस्वीर साभार: Representative Image

मुंबई : मुंबई में एक विशेष अदालत ने पांच साल की बच्‍ची को पॉर्न दिखाने के मामले में एक टीचर को एक साल कैद की सजा सुनाई है। बच्‍ची अरबी सीखने जाती थी, जहां टीचर ने न केवल उसे पॉर्न दिखाया, बल्कि उसके साथ अश्‍लील हरकत भी की। बाद में जब वह घर लौटी तो उसने पूरी कहानी मां को बताई, जिसके बाद उसके घरवालों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

यह मामला पांच साल पहले का है, जब 30 अगस्‍त, 2016 को बच्‍ची के साथ टीचर ने गंदी हरकत की थी। उस वक्‍त बच्‍ची की उम्र 5 साल थी। बच्‍ची अरबी सीख रही थी, जिसके लिए उसे उसके अंकल उस दिन शाम 5:30 बजे पास की एक मस्जिद में छोड़ आए थे। शाम 7 बजे उसे उसके पिता घर ले जाने के लिए वहां पहुंचे। बच्‍ची जब घर लौटी तो मां ने उत्‍सुकता से पूछा कि आज उसने क्‍या सीखा?

मासूम ने मां को बताई थी आपबीती

इसके बाद मासूम ने मां को जो कुछ भी बताया, उसे सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्‍ची ने बताया कि टीचर (30) ने उसे फोन में आपत्तिजनक फोटो दिखाई और उसके साथ कुछ हरकत भी की और फिर उसके प्राइवेट पार्ट को साफ भी कर दिया। बच्‍ची की बातें सुनकर मां सकते में थी। पहले तो उन्‍हें कुछ समझ ही नहीं आया कि वह क्‍या करें। फिर उन्‍होंने इस बारे में अपने पति से बात की।

बच्‍ची के पिता ने चेम्‍बुर पुलिस स्‍टेशन में पॉक्‍सो एक्‍ट के तहत इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसका फोन जब्‍त कर लिया गया। आरोपी ने यह कहते हुए अपना बचाव किया कि बच्‍ची के माता-पिता ने फीस का भुगतान नहीं किया और इसे लेकर जब उनके बीच बहस हुई तो उन्‍होंने यह आरोप लगाया। लेकिन कोर्ट ने अपनी पड़ताल में इस दावे को सही नहीं पाया।

अदालत ने टीचर को एक साल के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही यह भी कहा कि अगर वह जुर्माने का भुगतान नहीं करता है तो उसे तीन महीने के लिए और सश्रम कारावास की सजा झेलनी होगी। कोर्ट ने अपील की अवधि समाप्‍त होने के बाद जुर्माने की राशि में से 8,000 रुपये पीड़‍ित पक्ष को मुआवजे के तौर पर देने के लिए कहा है।

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