गौतम गंभीर बोले और इस बार जमकर बोले, एमएस धोनी पर खूब निकाली भड़ास

Gautam Gambhir, MS Dhoni, IPL 2020: आईपीएल के चौथे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार में धोनी की बड़ी भूमिका बताते हुए आलोचना हो रही है। अब गौतम गंभीर भी कूदे मैदान में।

Gautam Gambhir and MS Dhoni
Gautam Gambhir slams MS Dhoni (BCCI/IPL)  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • महेंद्र सिंह धोनी की आलोचनाओं का सिलसिला जारी
  • राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मिली हार में धोनी की भूमिका पर सवाल
  • सुनील गावस्कर और केविन पीटरसन के बाद अब गौतम गंभीर का बयान

नई दिल्ली, 23 सितंबरः टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज ओपनर गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) अपने बेबाक बयानों के लिए आए दिन चर्चा में रहते हैं। हाल के बयानों को उठाकर देखें तो उनके अधिकतर तीखे बयान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) को लेकर आए हैं। कई मौकों पर उन्होंने माही की तारीफ भी की है लेकिन जब भी आलोचना की बात आई तो वो पीछे नहीं हटे। एक बार फिर एमएस धोनी पर सवाल उठे हैं। ऐसे में जब कई पूर्व दिग्गज मैदान में कूदे हैं तो भला गौतम गंभीर कैसे पीछे रहते। वो बोले, और जमकर बोले।

गौतम गंभीर ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरने वाले महेंद्र सिंह धोनी के फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि धोनी ने विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतरकर मोर्चे से अगुवाई नहीं की। गंभीर ने कहा कि किसी और कप्तान ने ऐसा किया होता तो उसकी काफी आलोचना होती लेकिन चूंकि वह धोनी हैं तो लोग इस बारे में बात भी नहीं कर रहे।

मैं हैरान था, इसका क्या मतलब?

धोनी ने अपने से पहले सैम कुरेन , रितुराज गायकवाड़ और केदार जाधव को भेजा। इस पर बयान देते हुए गौतम गंभीर ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो टी20 टाइम आउट में कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैं हैरान था। एम एस धोनी सातवें नंबर पर। रितुराज गायकवाड़ और सैम कुरेन उनसे पहले। इसका क्या मतलब था। आपको तो मोर्चे से अगुवाई करनी चाहिये।’

कप्तानी पर भी उठाए सवाल, 'फाफ अकेले लड़ता रहा'

गंभीर ने धोनी की कप्तानी पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘इसे मोर्चे से अगुवाई करना नहीं कहते। 217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सातवें नंबर पर बल्लेबाजी। फाफ अकेले किला लड़ाता रहा। किसी और ने यह किया होता तो काफी आलोचना होगी । लेकिन चूंकि वह धोनी हैं तो लोग इस बारे में बात भी नहीं कर रहे।’

जल्दी आउट होने में बुराई नहीं लेकिन..

भारत के लिये 2003 से 2016 के बीच 58 टेस्ट और 147 वनडे खेल चुके गंभीर ने कहा ,‘‘ जल्दी आउट होने में कोई बुराई नहीं है लेकिन कम से कम टीम को प्रेरित तो करना चाहिये। आखिरी ओवर में आपने क्या किया (तीन गेंद में तीन छक्के)। यही पहले किया होता तो नतीजा कुछ और होता। शायद जीत की ललक ही नहीं थी। पहले छह ओवर के बाद लग रहा था कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी है। एम एस अंत तक टिककर टीम को मैच में लौटाने की कोशिश कर रहा था ताकि आने वाले मैचों में ऐसी पारियां खेल सके।’

वो छक्के तो निजी रन थे

गौतम गंभीर ने अंतिम ओवर में लगाए गए धोनी के छक्कों की जमकर आलोचना की और उन्हें निजी रन बता डाला। उन्होंने कहा, ‘आप एम एस धोनी के तीन छक्कों की बात कर सकते हैं लेकिन उनका क्या फायदा। वो तो उसके निजी रन थे।’ गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से गौतम गंभीर ने धोनी पर सीधे तौर पर ना सही लेकिन कई बार तीखे बयान दिए हैं। अब आईपीएल में धोनी के फैंस चाहेंगे कि अगले मुकाबले में कैप्टन कूल सबको करारा जवाब दे।

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