क्‍या आप जानते हैं कि एमएस धोनी और विराट कोहली का 10वीं और 12वीं में रिजल्‍ट क्‍या था?

MS Dhoni and Virat Kohli marks in 10th and 12th: टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी का रिजल्‍ट तो ठीक था, लेकिन मौजूदा कप्‍तान विराट कोहली को एक विषय से बहुत डर लगता था। उनके मार्क्‍स भी अच्‍छे नहीं आते थे।

ms dhoni and virat kohli
एमएस धोनी और विराट कोहली 

मुख्य बातें

  • विराट कोहली और एमएस धोनी विश्‍व क्रिकेट के दो दिग्‍गज खिलाड़ी हैं
  • धोनी के 10वीं और 12वीं में परिणाम कोहली की तुलना में बेहतर हैं
  • विराट कोहली को एक विषय में डर लगता था, जिसमें उन्‍हें काफी कम नंबर आते थे

नई दिल्‍ली: विराट कोहली और एमएस धोनी विश्‍व क्रिकेट के दो दिग्‍गज खिलाड़ी हैं। दोनों ने क्रिकेट में रनों का अंबार लगाया है और लीडर के रूप में भी टीम का शानदार नेतृत्‍व किया है। दोनों ने भारतीय टीम को कई यादगार जीत दिलाई। हालांकि, जब पढ़ाई की बात आती है, तो दोनों खिलाड़‍ियों का प्रदर्शन क्रिकेट के समान उच्‍च दर्जे का नजर नहीं आता। एमएस धोनी के 10वीं क्‍लास में 66 प्रतिशत जबकि 12वीं क्‍लास में 56 प्रतिशत आए थे।

जब धोनी 12वीं क्‍लास में थे, तब उन्‍हें रांची के बाहर क्रिकेट मैच खेलने के लिए जाना होता था। उनकी यह यात्रा फिल्‍म एमएस धोनी: द अनटोल्‍ड स्‍टोरी में भी दिखाई गई है, जो सितंबर 2016 में रीलिज हुई थी। धोनी ने इस बात का खुलासा तब भी किया था जब वह दिल्‍ली में वीरेंद्र सहवाग के स्‍कूल में गए थे। जहां तक 31 साल के विराट कोहली का सवाल है, तो पढ़ाई में उनका कभी मन नहीं लगा। दिल्‍ली में जन्‍में क्रिकेटर के लिए गणित का विषय किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। उन्‍हें 100 में से एक डिजिट में नंबर आते थे।

क्रिकेट से ज्‍यादा मुश्किल गणित

विराट कोहली ने पिछले साल एक चैट शो में कहा था, 'गणित। हमारी परीक्षा होती थी और 100 में से मुझे सबसे ज्‍यादा मार्क्‍स आते थे 3। ठीक है। मैं इतना अच्‍छा था गणित विषय में। मुझे समझ नहीं आया कि कोई आखिर क्‍यों गणित को इतना सीखने में जुटा रहता है। मुझे इसके पीछे की चीजें कभी समझ नहीं आई। मैंने कभी अपनी जिंदगी में इन फॉर्मूलों का उपयोग होते नहीं देखा।'

विराट कोहली ने अपने लिए कहा था कि क्रिकेट खेलने से कई ज्‍यादा कठिन था गणित में कड़ी मेहनत करना। उन्‍होंने कहा था, 'मैं बस 10वीं कक्षा पास कर लेना चाहता था क्‍योंकि ये राज्‍य स्‍तर की होती है और इसके बाद आपको चुनना होता है कि गणित पढ़नी है या नहीं। मैं आपको बताना चाहूंगा कि मैंने क्रिकेट में कभी इतनी मेहनत नहीं की, जितनी मैंने परीक्षा पास करने में की थी।'

तेंदुलकर और अन्‍य क्रिकेटरों का ये है हाल

किसी युवा के लिए पढ़ना और क्रिकेट में करियर बनाना आसान काम नहीं है। सचिन तेंदुलकर 10वीं की परीक्षा पास नहीं कर पाए और उन्‍होंने दोबारा इसे पास करने का प्रयास ही नहीं किया। तब तक वो राष्‍ट्रीय टीम की जर्सी पहन चुके थे। हालांकि, अनिल कुंबले, वीवीएस लक्ष्‍मण, राहुल द्रविड़ और जवागल श्रीनाथ का पढ़ाई में रिकॉर्ड शानदार हैं और इन सभी ने क्रिकेट रिकॉर्ड बुक में अपनी अलग पहचान बनाई है।

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