सरफराज खान ने रणजी ट्रॉफी फाइनल में जमाया शतक अपने पिता को किया समर्पित, फिर रोने लगा युवा बल्‍लेबाज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 24, 2022, 10:54 AM IST

Sarfaraz Khan century: मुंबई क्रिकेट टीम के मिडिल ऑर्डर बल्‍लेबाज सरफराज खान ने मध्‍यप्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी फाइनल में शानदार शतक जमाया। सरफराज खान ने यह शतक अपने पिता और कोच नौशाद खान को समर्पित किया है।

सरफराज खान ने रणजी ट्रॉफी फाइनल में जमाया शतक अपने पिता को किया समर्पित, फिर रोने लगा युवा बल्‍लेबाज

बेंगलुरू: मुंबई रणजी टीम के क्रिकेटर सरफराज खान ने गुरूवार को यहां मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्राफी फाइनल में बनाये गये अपने शतक को अपने पिता और कोच नौशाद खान को समर्पित किया। शतक जड़कर मुंबई को पहली पारी में 374 रन तक पहुंचाने वाले सरफराज की आंखे डबडबाई हुई थी, उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'यह शतक मेरे अब्बू (पिता) की वजह से है, यह उनके बलिदान की वजह से है और उस समय मेरा हाथ थामने की वजह से है जब मैं निराश था।'

नौशाद के दोनों बेटे सरफराज और मुशीर मुंबई टीम में ही खेलते हैं। यह पूछने पर कि क्या भारतीय टीम में जगह बनाने का सपना पूरा होने की ओर है? इस सवाल के जवाब में सरफराज की आंखे डबडबा गयीं। उन्होंने कहा, 'हमारी जिंदगी सब कुछ उन छोटे छोटे सपनों के लिये हैं जिन्हें हम संजोते हैं। सपने हम (वह और उनके पिता) साथ देखते हैं। मैंने मुंबई में वापसी के बाद से दो सत्र में जो 2000 के करीब रन बनाये हैं, वह सब मेरे अब्बू की वजह से है।'

जब कोई मैच नहीं होता तो दोनों भाई अपने पिता की निगरानी में प्रत्येक दिन छह से सात घंटे अभ्यास करते हैं। कुछ अनुशासनात्मक मुद्दों के कारण सरफराज को एक सत्र के लिये उत्तर प्रदेश जाना पड़ा और उन्होंने वापसी करने से पहले 'कूलिंग ऑफ' समय बिताया, जिसके बाद वह फिर मुंबई की टीम में चुने गये।
सरफराज ने कहा, 'आप सब तो जानते हो मेरे साथ क्या हुआ। अब्बू ना रहते तो मैं खत्म हो जाता। इतनी सारी समस्यायें थीं और जब मैं सोचता कि मेरे अब्बू इन सबसे कैसे निपटे तो मैं भावुक हो जाता हूं। उन्होंने एक बार भी मेरा हाथ नहीं छोड़ा। मेरे भाई ने अपने फोन पर एक 'स्टेटस' लगाया है और मैं देख सकता हूं कि अब्बू कितने खुश हैं। मेरा दिन बन गया।'

सरफराज पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसक हैं, जिनकी हाल में एक गैंग ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सरफराज ने शतक जड़ने के बाद मूसेवाला के स्टाइल (जांघ पर हाथ मारकर) में जश्न बनाया।

इसके बारे में पूछने पर सरफराज ने कहा, 'यह सिद्धू मूसेवाला के लिये था। मुझे उनके गाने बहुत पसंद हैं और ज्यादातर मैं और हार्दिक तामोरे (विकेटकीपर) उनके गाने सुनते हैं। मैंने इसी तरह का जश्न पिछले मैच के दौरान भी मनाया था, लेकिन तब हॉटस्टार ने इसे दिखाया नहीं था। मैंने फैसला किया था कि जब भी एक और शतक जड़ूंगा, इस तरह ही जश्न मनाऊंगा।'

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