रोहित शर्मा ने किया खुलासा, एमएस धोनी की बात नहीं मानने के कारण जमा सके थे पहला दोहरा शतक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 20, 2020, 06:16 PM IST

Rohit Sharma on MS Dhoni advice: रोहित शर्मा ने बताया कि एमएस धोनी जब क्रीज पर आए तो बोले कि आप पूरे 50 ओवर टिके रहो और स्‍ट्राइक रोटेट करने का काम करो। शॉट खेलने की रिस्‍क धोनी ने उठाने की बात की थी।

रोहित शर्मा ने किया खुलासा, एमएस धोनी की बात नहीं मानने के कारण जमा सके थे पहला दोहरा शतक

नई दिल्‍ली: टीम इंडिया के सीमित ओवर के उप-कप्‍तान रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर में कई यादगार पारियां खेली हैं। विस्‍फोटक ओपनर दुनिया के इकलौते बल्‍लेबाज हैं, जिन्‍होंने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक जमाए हो। रोहित शर्मा के 264 रन वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़ा व्‍यक्तिगत स्‍कोर है। मुंबई के बल्‍लेबाज ने अपना पहला दोहरा शतक ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में बेंगलुरु के एम चिन्‍नास्‍वामी स्‍टेडियम में जमाया था। रोहित को तब ओपनिंग करते हुए कुछ ही समय हुआ था। वह सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के बाद वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जमाने वाले तीसरे बल्‍लेबाज बने थे।

अपनी टीम के साथी रविचंद्रन अश्विन के साथ इंस्‍टाग्राम लाइव सेशन में बातचीत करते हुए रोहित ने कहा कि उन्‍होंने कभी वनडे मैच में दोहरा शतक जमाने के बारे में सोचा नहीं था। हिटमैन ने कहा, 'ईमानदार से बाल रहा हूं कि मैंने वनडे क्रिकेट में कभी दोहरा शतक जमाने के बारे में नहीं सोचा था। वो अपने आप हो गया। उस दिन बल्‍लेबाजी के लिए पिच अच्‍छी थी और चिन्‍नास्‍वामी की छोटी बाउंड्रीज से मुझे मदद मिली। मुझे याद है कि बारिश के कारण करीब आधे घंटे खेल रुका था। जब खेल शुरू हुआ तो धवन दूसरे ओवर में आउट हो गया।'

उन्‍होंने आगे कहा, 'जल्‍द ही विराट कोहली रनआउट हो गए। मुझे पता नहीं था कि उसमें गलती किसकी थी। मगर मुझे समझ आ गया था कि टीम को विशाल स्‍कोर तक पहुंचाना है तो मुझे अंत तक टिकना होगा क्‍योंकि उस सीरीज में बड़े-बड़े स्‍कोर बने थे और कोई भी स्‍कोर सुरक्षित नहीं था।' रोहित ने बताया कि उन्‍होंने अपनी पारी किस तरह बढ़ाई और साझेदारी के समय धोनी ने उन्‍हें कौन सी सलाह दी।

नजरअंदाज किया

रोहित ने यह भी खुलासा किया कि कप्‍तान एमएस धोनी की सलाह उन्‍होंने नहीं मानी और 40वें ओवर के बाद आक्रामक पारी खेलकर 200 रन का आंकड़ा पार कर सके। हिटमैन ने कहा, 'मुझे याद है जब एमएस धोनी मेरे साथ जुड़े थे। वह अपने ही अंदाज में मुझे सलाह दे रहे थे कि खराब शॉट खेलकर आउट नहीं होना। मैं क्रीज पर जम चुका था, तो वो चाहते थे कि मैं अंत तक खेलूं और कोई जोखिम नहीं उठाऊं। मगर जल्‍द ही मुझे महसूस हुआ कि मैं गेंद पर बड़े अच्‍छे टाइमिंग के साथ शॉट खेल पा रहा हूं। मैं किसी भी गेंदबाज पर आक्रमण कर पा रहा था। फिर मैंने आक्रामक पारी खेलना शुरू किया और अपना दोहरा शतक पूरा किया।'

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