टेस्ट सीरीज से पहले दो भारतीय दिग्गजों ने जमकर किया अभ्यास, तस्वीरों में देखें भारत का ट्रेनिंग सेशन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 2, 2022, 08:06 PM IST

India vs Sri Lanka test series, team India training session: भारत और श्रीलंका के बीच 4 मार्च से खेले जाने वाले टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के लिए टीम इंडिया के दो दिग्गज बल्लेबाजों ने जमकर अभ्यास किया।

टेस्ट सीरीज से पहले दो भारतीय दिग्गजों ने जमकर किया अभ्यास, तस्वीरों में देखें भारत का ट्रेनिंग सेशन

भारतीय क्रिकेट टीम के दो दिग्गज खिलाड़ियों ने भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले की जमकर तैयारी शुरू कर दी है। हम बात कर रहे हैं पूर्व कप्तान विराट कोहली और मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा की। इन दोनों बल्लेबाजों ने बुधवार को मोहाली स्थित पीसीए स्टेडियम में जमकर पसीना बहाया। दोनों ने नेट्स पर खूब बल्लेबाजी की और दोनों सधे हुए शॉट्स खेलते नजर आए।

टीम इंडिया के दोनों स्टार खिलाड़ियों ने कई कई बार विभिन्न नेट-थ्रोडाउन, स्पिनरों के, तेज गेंदबाजों के और नेट गेंदबाजों के खिलाफ - पर बल्लेबाजी की। रोहित ने जहां मोहम्मद शमी की गेंदों पर शॉट खेले तो वहीं कोहली ने अपने 100वें टेस्ट से 48 घंटे पहले मोहम्मद सिराज की गेंदों पर कवर ड्राइव लगाये। दोनों ने अलग अलग समय अलग नेट पर बल्लेबाजी की।

एक समय उप कप्तान रहे रोहित 30 गज की दूरी से पूर्व कप्तान कोहली के अभ्यास पर भी नजर लगाये थे। रोहित ने करीब 45 मिनट तक बल्लेबाजी करने के बाद टीम के अभ्यास की निगरानी भी की। इस दौरान वह दो बार बायें हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार पर शॉट लगाते दिखे। जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे तो कोहली बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ और रविंद्र जडेजा के साथ बातचीत कर रहे थे जिसमें उनके बीच हंसकर बातें हो रही थीं जिससे दिख रहा था कि वह काफी ‘रिलैक्स’ हैं और 100वें टेस्ट को लेकर कोई दबाव नहीं है।

रोहित ने अभ्यास के दौरान जसप्रीत बुमराह की कुछ गेंदों को और मोहम्मद शमी की ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छोड़ा भी। टेस्ट मैच से पहले कोहली की तैयारी कैसी है? इस पर सुनील गावस्कर के खेल के दिनों के बयान का जिक्र किया जा सकता है जिसमें उन्होंने कहा है, ‘‘जब मैं नेट पर अच्छी बल्लेबाजी नहीं करता था तो मैं टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करता था।’’

रोहित ने अभ्यास सत्र के दौरान थ्रोडाउन विशेषज्ञों और स्पिनरों के खिलाफ कई सत्र किये जो साफ संकेत था कि वह टेस्ट में महज कप्तान नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता बनना चाहते हैं जो खिलाड़ियों के लिये उदाहरण पेश करने में भरोसा रखते हैं।

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