इस खिलाड़ी से बल्ला लिया था उधार: आखिरी ओवर में दो छक्के लगाकर जीत दिलाने वाले नसीम शाह का खुलासा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 8, 2022, 06:43 PM IST

Naseem Shah revelation, Pakistan vs Afghanistan, Asia Cup 2022: अफगानिस्तान के खिलाफ एशिया कप के मैच में युवा खिलाड़ी नसीम शाह ने 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए आखिरी ओवर में दो विजयी छक्के लगाए। मैच के बाद उन्होंने एक बड़ा खुलासा किया।

इस खिलाड़ी से बल्ला लिया था उधार: आखिरी ओवर में दो छक्के लगाकर जीत दिलाने वाले नसीम शाह का खुलासा
Photo Credit: AP

Naseem Shah, PAK vs AFG, ASIA CUP 2022: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच खेले गए सुपर-4 राउंड के मैच में बुधवार रात पाकिस्तान ने 6 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। जब पाकिस्तान का 1 विकेट बाकी था, तब अंतिम क्षणों में दो लगातार छक्के लगाकर पाकिस्तान को जीत दिलाने वाले 10वें नंबर के बल्लेबाज नसीम शाह ने मैच के बाद खुलासा किया कि उन्होंने उधार के बल्ले से ये कमाल किया। लगातार दो छक्के लगाने वाला बल्ला उन्होंने अपने एक साथी खिलाड़ी से उधार लिया था।

मैच में 130 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान को 10 गेंदों में 20 रन की जरूरत थी और उसके दो विकेट बाकी थे। पाकिस्तानी खेमे में उस समय हड़बड़ाहट फैल गयी जब सीनियर बल्लेबाज आसिफ अली 19वें ओवर में आउट हो गए। इसके बाद टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी नसीम शाह और मोहम्मद हसनैन की आखिरी जोड़ी पर आ गयी।

पाकिस्तान को आखिरी ओवर में जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। नसीम शाह ने लगातार दो छक्के मारकर मैच निपटा दिया और पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में पहुंचा दिया।

शाह ने हसनैन से बल्ला उधार लिया था और आखिरी ओवर में साहसिक छक्के लगाए। नसीम शाह ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा मैच के बाद जारी वीडियो में कहा, "मैं जानता हूं कि हर कोई अब मेरी बल्लेबाजी के बारे में बात करेगा। लेकिन मैंने नेट पर कड़ा अभ्यास किया है। मैंने हसनैन से कहा था कि अपना बल्ला मुझे दे दो क्योंकि मेरा बल्ला उतना अच्छा नहीं है।"

हसनैन ने भी पुष्टि की कि दोनों छक्के उनके बल्ले से आये हैं। हसनैन ने कहा , "उसने मुझसे बल्ला देने के बारे में कहा था। मैंने कहा कि ठीक है। आप एक सिंगल लेकर बल्ला मुझे वापस दे देना लेकिन नसीम ने दो छक्के मारकर मैच ही समाप्त कर दिया।"

नसीम ने कहा कि उन्हें अपनी बल्लेबाजी में भरोसा था जिससे उन्हें पाकिस्तान के लिए मैच जीतने में मदद मिली। उन्होंने कहा, "मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं ऐसा कर सकता हूं। मेरे लिए यह यादगार मैच रहेगा।"

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