इरफान पठान का दावा, क्रिकेट दोबारा शुरू होने पर कोरोना के साथ ये भी होगी मुश्किल

Irfan Pathan on resuming cricket and problems: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व पेसर इरफान पठान ने बताया है कि कोरोना वायरस के अलावा किस मुश्किल का खिलाड़ियों को सामना करना होगा।

Irfan Pathan speaks on resuming cricket and its problems
Irfan Pathan speaks on resuming cricket and its problems  |  तस्वीर साभार: IANS

मुख्य बातें

  • पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने खिलाड़ियों और प्रशासन को चेताया
  • क्रिकेट बहाली के दौरान खिलाड़ियों को करना पड़ेगा मुश्किल का सामना
  • कोरोना वायरस के अलावा एक और होगी मुश्किल

मुंबईः कोरोना वायरस महामारी से जूझते हुए दुनिया वापस पटरी पर लौटने का प्रयास कर रही है। इसी बीच क्रिकेट जगत भी बहाली की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में जुटा है। खेल दोबारा शुरू होने के बाद जाहिर तौर पर कोरोना वायरस का संक्रमण किसी को भी ना हो, ये सबसे बड़ी चुनौती होगी लेकिन कुछ अन्य चुनौतियां भी हैं जिनका खिलाड़ियों को सामना करना पड़ सकता है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने ऐसी ही एक समस्या के बारे में चेताया है।

इरफान पठान का मानना है कि जब दोबारा खेल शुरू होगा तब भारतीय टीम प्रबंधन को गेंदबाजों की चोटों के प्रबंधन को लेकर काफी सतर्कता बरतनी होगी। दरअसल, भारतीय खिलाड़ियों ने 25 मार्च के बाद (देशव्यापी लॉकडाउन) से मैदान पर अभ्यास नहीं किया है। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जैसे स्तर पर वापसी करना आसान नहीं होगा।

गेंदबाजों पर करना होगा फोकस

इरफान पठान के मुताबिक क्रिकेट बहाली पर आईपीएल टीमों समेत सभी टीमों को गेंदबाजों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी क्योंकि दो महीने बाद मैदान पर लौटने पर चोटों की संभावना अधिक होगी। उन्होंने स्टार स्पोटर्स के शो ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ पर कहा, ‘चोटों का प्रबंधन सबसे अहम है। हमें गेंदबाजों पर फोकस करना होगा।’ इसी बीच कुछ भारतीय खिलाड़ियों ने उपलब्ध व्यवस्थाओं से संतोष करते हुए अभ्यास जरूर शुरू किया है। तेज गेंदबाज शारदुल ठाकुर ने पिछले महीने बोइसर में अभ्यास शुरू किया।

आईसीसी ने जारी किए थे खास दिशानिर्देश, BCCI पर बड़ी जिम्मेदारी

आईसीसी ने भी हाल ही में गेंदबाजों के लिये खास दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा था कि टीमों को गेंदबाजों के कार्यभार को लेकर सजग रहना होगा। गौरतलब है कि खेल में गेंदबाज सबसे ज्यादा चोटिल होते आए हैं और खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में जब दिनों तक गेंदबाजी करने की जिम्मेदारी हो तो ऐसे में कार्यभार और बढ़ता है और शरीर पर असर दिखने लगता है। बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट को ये सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले दिनों में किसी टूर्नामेंट में उतरने से पहले खिलाड़ियों को वापस लय में लौटने का समय मिले। बेशक खिलाड़ियों ने घरों में मौजूद जिम व अभ्यास के लिए बनी छोटी-मोटी व्यवस्थाओं का लाभ उठाने का प्रयास जारी रखा लेकिन मैदान पर लौटना इससे अलग होगा।

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