''मेरा नाम हमेशा बिकता है, कोई दिक्कत नहीं'', आखिर हार्दिक पांड्या ने क्यों कही इतनी बड़ी बात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 25, 2022, 03:34 PM IST

हार्दिक पांड्या के नेतृत्व वाली गुजरात टाइटन्स (जीटी) ने आईपीएल 2022 के फाइनल में जगह बना ली है। गुजरात ने पहले क्वालीफायर में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) को धूल चटाई।

''मेरा नाम हमेशा बिकता है, कोई दिक्कत नहीं'', आखिर हार्दिक पांड्या ने क्यों कही इतनी बड़ी बात

कोलकाता: हार्दिक पांड्या ने अपने संक्षिप्त अंतरराष्ट्रीय कैरियर में उतार चढ़ाव, चोट, सर्जरी, विवाद सब कुछ देख लिया लेकिन उनका कहना है कि हर बात का सामना उन्होंने मुस्कुराकर किया। इन सभी चीजों को पीछे छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटन्स के पहले सत्र में न सिर्फ वह बतौर हरफनमौला चमके बल्कि एक अच्छे कप्तान के रूप में भी उभरे और टीम को फाइनल में ले आये हैं। राजस्थान रॉयल्स को पहले क्वालीफायर में सात विकेट से हराने के बाद वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा,‘‘लोग तो बातें करेंगे ही। यह उनका काम है। मैं कुछ नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा,‘‘हार्दिक पांड्या का नाम हमेशा बिकता है और मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। मैं मुस्कुराकर इसका सामना करता हूं।’’

मुंबई इंडियंस के साथ मिली सफलता के बाद 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले पांड्या से काफी उम्मीदें थी और उनकी तुलना विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव से की जाने लगी। फिर 2019 में ‘कॉफी विद करण’ में महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया। बाद में उन्होंने बीसीसीआई की जांच समिति से माफी मांग ली थी। भारत के लिये आखिरी मैच वह आठ नवंबर को दुबई में टी20 विश्व कप में नामीबिया के खिलाफ खेले थे। उसके बाद से कमर के आपरेशन के कारण गेंदबाजी में जूझते नजर आये।

मुंबई इंडियंस से रिलीज होने के बाद आईपीएल सत्र से पहले मेगा नीलामी में गुजरात ने उन्हें 15 करोड़ रूपये में खरीदा। उन्हें कप्तानी दिये जाने पर भी सवाल उठे थे लेकिन अपने ‘मेंटोर’ एम एस धोनी की तरह ‘ कैप्टन कूल’ पांड्या ने आलोचकों को अपने प्रदर्शन से जवाब दिया। उन्होंने कहा,‘ ‘माही भाई ने मेरे जीवन में बड़ी भूमिका निभाई है। वह मेरे लिये भाई , दोस्त और परिवार की तरह हैं। मैंने उनसे काफी अच्छी बातें सीखीं। व्यक्तिगत रूप से मजबूत रहकर ही मैं इन सब चीजों का सामना कर सका।’’

इस सत्र में पांड्या ने 45 से अधिक की औसत से 453 रन बनाये हैं और उनका स्ट्राइक रेट 132 .84 का रहा है। उन्होंने 7.73 की इकॉनामी से पांच विकेट लिये हैं। उन्होंने कहा ,‘‘कप्तानी से पहले भी मैं हर हालात में शांतचित्त रहता था। इस तरह ही बेहतर फैसले लिये जा सकते हैं। अपने कैरियर और जीवन में भी हड़बड़ाने की बजाय मैं दस सेकंड रूकना पसंद करता हूं।’’ अपने घरेलू मैदान मोटेरा पर रविवार को होने वाले फाइनल के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा,‘‘यह शानदार होगा। इतना बड़ा स्टेडियम , हमारा घरेलू मैदान, अपना राज्य। उम्मीद हे कि स्टेडियम पूरा भरा होगा।’’

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