आईपीएल बनाम पीएसएल: 'मॉरिस की एक गेंद कई प्लेयर की सैलरी से महंगी,' आकाश चोपड़ा ने लगाई रमीज राजा की क्लास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 18, 2022, 02:56 PM IST

Aakash Chopra on Ramiz Raja: पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने रमीज राजा के पीएसएल और आईपीएल को लेकर दिए गए बयान पर रिएक्ट किया है।

आईपीएल बनाम पीएसएल: 'मॉरिस की एक गेंद कई प्लेयर की सैलरी से महंगी,' आकाश चोपड़ा ने लगाई रमीज राजा की क्लास
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपना एक अलग मुकाम है। यह दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग है और इसमें खिलाड़ियों पर जमकर धनवर्षा होती है। आईपीएल की तुलना में पीएसएल, बीबीएल, द हंड्रेड, सीपीएल वगैरह में उतना पैसा नहीं है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख रमीज राजा पाकिस्तान सुपर लीग में और अधिक धन लाने की तैयारी में हैं। उन्होंने ड्राफ्ट सिस्‍टम के स्‍थान पर ऑक्‍शन की प्रक्रिया को लाने की बात कही है।  उनका कहना है कि पीएसएल को नीलामी के मॉडल में लाकर पर्स बढ़ाएंगे तो क्रिकेटर आईपीएल के बजाए पीएसएल को ज्यादा तवज्जो देंगे।

वहीं, रमीज के पीएसएल के आने वाले वक्त में आईपीएल से आगे निकलने वाले बयान पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने रिएक्ट किया है। उन्होंने रमीज की क्लास लगाते हुए कि आईपीएल में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस मॉरिस की एक गेंद अन्य लीगों में कई प्लेयर की सैलरी से महंगी थी। बता दें कि मॉरिस को राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2021 के लिए  16.25 करोड़ रुपए में खरीदा था। वह तब नीलामी में बिकने वाले आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी थे।

आकाश ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'अगर आप ड्राफ्ट के बजाए नीलामी का ऑप्शन अपनाते हैं तो भी ऐसा नहीं होने वाला है। आप एक खिलाड़ी को पीएसएल में 16 करोड़ के लिए खेलते हुए नहीं देखेंगे। ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता है। मार्केट ऐसा होने नहीं देगा। यह बहुत सरल बात है।' उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो क्रिस मॉरिस की एक गेंद जब वह पिछली बार आईपीएल में खेले थे तो अन्य लीगों में कई खिलाड़ियों की सैलरी से अधिक महंगी थी। ऐसे में क्या आईपीएल के साथ प्रतिस्पर्धा करना या अपनी तुलना करना भी संभव है। चाहे वह पीएसएल हो, बीबीएल, द हंड्रेड या सीपीएल? क्या यह थोड़ा अनुपयुक्त जजमेंट नहीं है?'

उन्होंने आगे कहा, 'कीमत इस आधार पर तय की जाती है कि आपको राइट्स से कितना पैसा मिलता है। टीमों को किस कीमत पर बेचा जाता है और फिर कुल पर्स होता है, जिसके अनुसार आप खेलते हैं। ये सभी आपस में जुड़े हुए हैं, अलग नहीं हैं। अगर कोई उन्हें  अलग से देखता है तो वह सफल नहीं होने जा रहा है।' आकाश ने कहा, 'कहानी ब्रॉडकास्टर के साथ शुरू होती है कि वह किसी टूर्नामेंट का कितना मूल्य रखता है। भारत के पास सबसे बड़ी चीज देखने वाले लोग हैं, जिनसे बहुत पैसा आता है। हमारे देश में 130 करोड़ लोग। यह वो संपत्ति है, जो किसी और के पास नहीं है।'

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