वाराणसी

काशी में सूख रही गंगा! भीषण गर्मी से घटा जलस्तर, घाटों पर दिखा रेत का टीला

वाराणसी में भीषण गर्मी के चलते गंगा का जलस्तर घटकर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। जून में आमतौर पर गंगा की चौड़ाई 70-80 मीटर के करीब रहती थी, जो अब 30 से 35 मीटर तक रह गई है और घाटों पर भी रेत का टीला दिखने लगा है।

Image

वाराणसी में घटा गंगा का जलस्तर (सांकेतिक फोटो)

Varanasi News: वाराणसी में भीषण गर्मी के कारण गंगा का जलस्तर घट रहा है। गंगा का पानी अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। जून के महीने में आमतौर पर गंगा की चौड़ाई 70 से 80 मीटर के आसपास रहती थी। लेकिन प्रदेशभर में पड़ रही प्रचंड गर्मी के कारण इस बार जून में गंगा की चौड़ाई सिमट कर लगभग आधी हो गई है। वर्तमान में गंगा की चौड़ाई 30 से 35 मीटर तक रह गई है।

पानी कम होने से घाट छोड़ रही गंगा

वाराणसी में भीषण गर्मी का प्रकोप पिछले करीब डेढ़ महीने से जारी है। ऐसे में गंगा नदी का जल हलक तक सूख गया है। यहां गंगा का जलस्तर इतना कम हो गया है कि पानी घाट से दूर पहुंच गया है। जिसके कारण गंगा के किनारे टूटी हुई नाव, बिखरे हुए कूड़ा और टूटे हुए बोल्डर साफ तौर पर देखने को मिल रहे हैं।

घाटों पर जमा हो रही रेत-मिट्टी

गंगा का जलस्तर घटने से पक्के घाटों पर रेत का टीला जमा हो रहा है। यहां करीब 40 से ज्यादा घाटों पर ऐसी हालत देखने को मिल रही है। अस्सी घाट पर तो पहले से ही जलस्तर कम होने के कारण बालू-मिट्टी देखने को मिल रही थी। अब सिंधिया घाट, सक्का घाट, ललिता घाट, दशाश्वमेध घाट, पांडेय घाट से लेकर शिवाला तक रेत-गाद जमा होने लगी है। सबसे ज्यादा बालू-मिट्टी दशाश्वमेध घाट पर जमा है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article