लखनऊ-कानपुर के बाद अब मीरजापुर में धंसी सड़क, फरवरी में बने रेलवे ओवरब्रिज की दीवार लटकी; दिए गए जांच के आदेश

मीरजापुर में NH-7 स्थित 64 करोड़ की लागत से बने आमघाट रेलवे ओवरब्रिज की एप्रोच सड़क पहली ही बारिश में धंस गई। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Mirzapur News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की सड़क धंसने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गुणवत्ता पर एक और बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मीरजापुर-वाराणसी राजमार्ग (NH-7) स्थित खजुरी नदी आमघाट रेलवे क्रासिंग पर 64 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बना ओवरब्रिज पहली मानसूनी बारिश भी नहीं झेल पाया। निर्माण के महज 4 महीने के भीतर ही इस रेलवे ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग मिट्टी भसकने से धंस गया, जिससे किनारे की रक्षा दीवार हवा में लटक गई है। आनन-फानन में ओवरब्रिज पर आवाजाही रोक दी गई है।

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पहली बारिश नहीं झेल पाया ब्रिज

4 महीने पहले ही हुआ था उद्घाटन

मीरजापुर-वाराणसी राजमार्ग पर इस ओवरब्रिज का निर्माण वर्ष 2024 में शुरू हुआ था। राज्य सेतु निगम और रेलवे की कार्यदायी संस्था के टेंडर पर ठेकेदार द्वारा तैयार किया गया यह 900 मीटर लंबा ओवरब्रिज जनवरी 2026 में बनकर पूरा हुआ था। फरवरी 2026 में इसका उद्घाटन किया गया था। पुल के दोनों ओर 150-150 मीटर के एप्रोच मार्ग के निर्माण पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए गए थे। सड़क धंसने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर कटे हुए हिस्से पर बालू की बोरियां रखवाकर किनारे को सुरक्षित कराया है।

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