Akhilesh Ayodhya Visit: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सुपर एक्टिव नजर आ रहे हैं। एक तरफ पीडीए की राजनीति करने वाले अखिलेश यादव का गुरुवार को अयोध्या में अलग अंदाज देखने को मिला। हिंदुत्व की पहचान को दोनों हाथ पर थामे अखिलेश यादव मानो सत्तारूढ़ भाजपा को संदेश दे रहे हैं कि हम शह मात के खेल में पीछे नहीं हटेंगे और पटखनी देने वाली रणनीति को पुरजोर तरीके से अपनाएंगे।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव
अयोध्या में न सिर्फ अखिलेश यादव ने दोनों हाथ पर 'गदा' थामी, बल्कि आगामी चुनाव में सपा उम्मीदवार पवन पांडे के घर पर हो रही श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए।
सनातनी लुक में दिखे अखिलेश
उत्तर प्रदेश में एक तरफ भाजपा हिंदुत्व की राजनीति को धार दे रही है तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी भी अब सनातनी विरोधी इमेज से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में अयोध्या में अखिलेश यादव का नया सनातनी लुक देखने को मिला, जहां अखिलेश ने कंधे पर सनातनी गमछा और हाथों में त्रिशूल और सुदर्शन चक्र लेकर राजनीति की नई लकीर खींच दी। साथ ही, उन्हें 'गदा' उठाए हुए भी देखा गया।
भाजपा के वोटबैंक को साधने की कोशिश
अखिलेश ने अयोध्या से सपा के ब्राह्मण चेहरे पवन पांडे पर न सिर्फ दांव लगाया, बल्कि उनके घर पर हो रही श्रीमद् भागवत कथा में भी शामिल हुए। इसके जरिए अखिलेश भाजपा के कोर हिंदुत्व वोटबैंक पर सेंधमारी की कोशिश की। हालांकि, अयोध्या में होने के बावजूद अखिलेश ने राम मंदिर से दूरी बनाई। उन्होंने कहा कि इटावा में केदारेश्वर मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वो राम मंदिर में दर्शन करेंगे।
CM योगी को दे दी बड़ी चुनौती
अखिलेश ने साधु संतों के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की बड़ी चुनौती दे दी। साथ ही, अयोध्या में विकास के नाम पर लोगों को उजाड़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''अगर बड़े बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री इतना ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं।''
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राजनीतिक गलियारों में अखिलेश के अयोध्या दौरे को लेकर चर्चा तेज हो गई और अखिलेश के आज के आयोध्या दौरे को महज एक धार्मिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि 2027 के सियासी ट्रेलर के तौर पर देख रहे हैं।
समाजवादी पार्टी जो अभी तक पीडीए के सहारे चुनाव लड़ रही थी, वो अब सनातन का जाप कर रही है। उत्तर प्रदेश में 12 फीसदी ब्राह्मण वोटर हैं, जो 2012 के बाद से सपा से दूर हो गया, लेकिन पवन पांडे को अयोध्या से 2027 का पहला घोषित उम्मीदवार बनाकर और उनकी भागवत कथा में खुद जाकर अखिलेश ने ब्राह्मणों को साधने की कोशिश की।
