देश की सबसे आधुनिक ट्रेन सेवा वंदे भारत एक्सप्रेस अब जम्मू-कश्मीर में एक नए विस्तार के साथ इतिहास रचने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) 30 अप्रैल 2026 को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस के विस्तारित संस्करण को हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जम्मू और श्रीनगर के बीच चलने वाली 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को 30 अप्रैल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे और आम जनता के लिए सेवाएं दो मई से शुरू होंगी। श्रीनगर से जम्मू के सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से जम्मू कश्मीर की इन दोनों राजधानियों के बीच यात्रा का समय कम हो जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही यह हर मौसम में एक सुगम परिवहन संपर्क भी प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छह जून 2025 को कटरा और श्रीनगर के बीच पहली सीधी ट्रेन सेवा का उद्घाटन किया था। अब इस सेवा का विस्तार जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक किया जा रहा है। कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली 28,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजना पर काम 1990 के दशक के अंत में शुरू हुआ था और कश्मीर घाटी में पहली ट्रेन अक्टूबर 2008 में चली थी।
अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रियों के लिए खुशखबरी!
अब यह ट्रेन कटरा से आगे बढ़कर सीधे जम्मू तवी तक चलेगी, जिससे जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े रेलवे हब को पहली बार इस हाई-स्पीड सेवा से सीधा कनेक्शन मिलेगा।
8 से 20 कोच: बढ़ती मांग का बड़ा जवाब
जब 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत को लॉन्च किया था, तब इसमें सिर्फ 8 कोच थे। लेकिन जबरदस्त लोकप्रियता और लगातार फुल बुकिंग के चलते अब इसे 20 कोच तक बढ़ा दिया गया है। इससे सीट क्षमता दोगुने से ज्यादा हो गई है और वेटिंग की समस्या में बड़ी राहत मिलने वाली है खासकर तीर्थ और पर्यटन सीजन में।
2 मई से नियमित सेवा: जानिए टाइमिंग
करीब 266 किलोमीटर के इस रूट पर दो जोड़ी ट्रेनें चलेंगी:
पहली सेवा (26401/26402)
- जम्मू तवी से सुबह 6:20 → श्रीनगर 11:10 (4 घंटे 50 मिनट)
- वापसी: श्रीनगर 2:00 PM → जम्मू तवी 6:50 PM
- हफ्ते में 6 दिन (मंगलवार छोड़कर)
दूसरी सेवा (26403/26404)
- श्रीनगर से सुबह 8:00 → जम्मू तवी 12:40
- वापसी: जम्मू तवी 1:20 PM → श्रीनगर 6:00 PM
- हफ्ते में 6 दिन (बुधवार छोड़कर)
अब यात्रियों को सुबह और दोपहर दोनों समय यात्रा का विकल्प मिलेगा। अब तक Shri Mata Vaishno Devi Temple जाने वाले श्रद्धालुओं को कटरा में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। अब श्रद्धालु जम्मू से सीधे कटरा होते हुए श्रीनगर तक बिना बदले यात्रा कर सकेंगे और खास बात जो यात्री वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा दोनों करना चाहते हैं, उनके लिए अब पूरा सफर एक ही ट्रेन से आसान हो गया है।
पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट
अब पर्यटक जम्मू से सीधे श्रीनगर तक ट्रेन से पहुंच सकेंगे और रास्ते में हिमालय के अद्भुत नज़ारे देख सकेंगे। डल झील, मुगल गार्डन और कश्मीर की खूबसूरती तक पहुंचना अब पहले से आसान और तेज होगा। छात्रों, मरीजों, सरकारी कर्मचारियों को अब बार-बार ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं। सर्दियों में जब सड़कें बंद होती हैं, तब भी यह ट्रेन -20°C तक के तापमान में चलने में सक्षम है।
- यानी हर मौसम में भरोसेमंद कनेक्टिविटी
- व्यापार और कारोबार को रफ्तार
- कश्मीर के मशहूर उत्पाद
- पश्मीना, केसर, कालीन, लकड़ी की कारीगरी
अब तेजी से जम्मू और देश के बाकी हिस्सों तक पहुंच सकेंगे। इससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को बड़ा फायदा मिलेगा।
इंजीनियरिंग के चमत्कार: अंजी और चिनाब ब्रिज
- रेल मंत्री अपने दौरे में दो ऐतिहासिक पुलों का निरीक्षण भी करेंगे:
- Anji Khad Bridge
- भारत का पहला केबल-स्टे रेल ब्रिज
- Chenab Rail Bridge
- दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल (एफिल टावर से भी ऊंचा!)
ये दोनों पुल Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail Link परियोजना का अहम हिस्सा हैं।
- जम्मू-कश्मीर में रेलवे का नया युग
- पिछले एक दशक में कई बड़े बदलाव हुए:
- 2014: उधमपुर-कटरा रेल लाइन
- 2024: कश्मीर में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन
- 2025: जम्मू रेलवे डिवीजन की शुरुआत
- अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों का आधुनिकीकरण
- ₹43,780 करोड़ की लागत से बना USBRL प्रोजेक्ट अब पूरी तरह इस बदलाव की रीढ़ बन चुका है।।
जम्मू तवी तक वंदे भारत का विस्तार सिर्फ एक नई ट्रेन सेवा नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लिए नई रफ्तार, नई सुविधा और नए अवसरों की शुरुआत है। अब सफर होगा तेज, आसान और बिना किसी रुकावट के चाहे तीर्थ हो, पर्यटन या कारोबार।
