पंडा-पुजारी, ट्रस्ट या सरकार, देशभर में मंदिरों का संचालन कौन करता है? कैसे तय होता है सब कुछ

अयोध्या राम मंदिर कथित चंदा चोरी विवाद के बीच देशभर के मंदिरों की प्रबंधन व्यवस्था पर बहस शुरू हो गई है। जानिए भारत में मंदिरों का संचालन कैसे होता है, इसमें सरकार की क्या भूमिका है और चढ़ावे का हिसाब कौन रखता है।

अयोध्या राम मंदिर कथित चंदा चोरी आरोपों के बाद देशभर में मंदिरों के प्रबंधन और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। इस बीच मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट के प्रशासनिक संचालन के लिए CEO नियुक्त करने की वकालत की है। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक बार फिर देशभर के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की अपनी पुरानी मांग दोहराई है।

Ram Mandir who operates Temples

देश में मंदिरों का संचालन कौन करता है?

राम मंदिर ट्रस्ट कैसे बना और कितना मिला चढ़ावा?

सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में आए फैसले के बाद 5 फरवरी 2020 को केंद्र सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया। तब से अब तक ट्रस्ट को लगभग 3500 करोड़ रुपये का नकद चंदा मिलने का अनुमान है। हालांकि, हाल में सामने आए कथित चंदा चोरी के आरोपों ने चढ़ावे के मैनेजमेंट और जवाबदेही पर नए सवाल खड़े किए हैं।

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