अगर आप भी अयोध्या राम मंदिर गए हैं तो भगवान राम लला की मूर्ति देखकर जरूर भावविभोर हो गए होंगे। जिसने भी अयोध्या जाकर वहां भगवान रामलला के दर्शन किए हैं, हर कोई कहता है कि ऐसा लगता है जैसे मूर्ति उनसे संवाद करती है। भगवान राम की उस मूर्ति को गढ़ने वाले कलाकार अरुण योगीराज भी कथित चंदा चोरी की घटना को लेकर दुखी हैं। उनका कहना है कि कथित चंदा चोरी की खबर सुनकर वह हिल गए। उन्होंने इस घटना को यह भक्तों के भरोसे पर गहरी चोट है।
राम लला की मूर्ति बनाने वाले अरुण योगीराज (फोटो - www.arunyogiraj.com)
मूर्तिकार अरुण योगीराज के कहा कि यह पूरी घटना एक श्रद्धालु के तौर पर मेरे लिए भी दुखदायक है। उन्होंने कहा, दुनियाभर से लोगों ने भगवान राम के लिए अपनी मेहनत की कमाई दान की। यह सब उन्होंने इसलिए किया क्योंकि उन्हें लग रहा था कि वह अपने अराध्य भगवान राम के लिए कुछ कर रहे हैं। आज वहां से जो भी खबरें आ रही हैं, वह मेरे लिए भी शॉकिंग हैं।
अरुण योगीराज ने कहा कि आज ऐसा समय आ गया है, जब हमें इस घटना के बाद भी अपने विश्वास को जिंदा रखना होगा। योगीराज ने बताया कि मंदिर निर्माण के दौरान जब वह भगवान रामलला की मूर्ति बना रहे थे, उस समय वह 9 महीने तक वहां रहे। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका राममंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कई सदस्यों से उनकी बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि उनकी ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय से भी काफी बातचीत होती थी।
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योगीराज का कहना है कि उनके ट्रस्ट के सदस्यों के साथ काफी अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जब कथित चंदा चोरी की बात कही जा रही है तो यह उनके लिए भी काफी मुश्किलों भरा समय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुनहगार पकड़ा जाएगा और उसे कानून के अनुसार सजा भी मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि गुनहगार को कानून के अनुसार सजा मिलने से भक्तों की आस्था और मजबूत होगी और भगवान राम के भक्तों द्वारा दान की गई एक-एक पाई का हिसाब होगा।
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मूर्तिकार योगीराज ने कहा कि जब प्रोजेक्ट राम मंदिर जितना बड़ा हो तो कुछ समय बाद खामिया भी सामने आने लगती हैं। ऐसे में ट्रस्ट के लोग भी इस बड़े प्रोजेक्ट से फायदे कमाने की कोशिश करने लगते हैं। और फिर वह दान के पैसे की चोरी करके लाभ कमाने का गुनाह करने लगते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार और ट्रस्ट के लोग गुनहगार को ढूंढ़ निकालेंगे और कानून के अनुसार सजा दिलाएंगे।
