Prashant Kishor Election Commission Reforms: देश की राजनीति में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के दरभंगा में एक बयान देते हुए मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में बड़े पैमाने पर संस्थागत सुधार करने की भी वकालत की है।
प्रशांत किशोर का चुनाव आयोग पर तीखा हमला (फाइल फोटो)
प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की साख दांव पर लगी है और यह स्थिति किसी एक व्यक्ति या घटना की वजह से नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले सात-आठ वर्षों से चाहे मतदाता सूचियों का निर्माण हो, चुनाव कार्यक्रम तय करना हो या आदर्श आचार संहिता लागू करना हो, हर स्तर पर चुनाव आयोग का झुकाव सत्ता पक्ष की तरफ दिखाई दिया है। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और वोटों की गिनती की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, ताकि जनता का भरोसा दोबारा कायम हो सके।
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इंडिया गठबंधन के नेताओं का तीसरे दिन बी जारी रहा प्रदर्शन
दूसरी तरफ, दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के गांधी स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने सरकार पर देश के हितों के खिलाफ काम करने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार और RSS पर साधा निशाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी इस मामले में तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, सीईसी ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन बागवत पर बड़ा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने मिलकर देश के संविधान के साथ खिलवाड़ किया है और इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। बहरहाल, चुनाव आयोग को लेकर शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और इस पर देश भर में सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
