Patna: पटना हाई कोर्ट ने राज्य में एएनएम बहाली को लेकर अहम फैसला लिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार में 10 हजार से ज्यादा पदों पर एएनएम की बहाली का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायमूर्ति वोनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह फैसला दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यार्थियों में खुशी की लहर दोड़ गई है। कोर्ट ने अभ्यर्थियों के द्वारा प्राप्तांक के आधार पर ही भर्ती करने का आदेश दिया है। इस मामले में 18 अप्रैल को सरकार की अपील पर सुनवाई पूरी की गई थी, जिसे सोमावार को पटना हाईकोर्ट द्वारा सुनाया गया है।
2022 में शुरू नियुक्ति की प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक एएनएम में नियुक्ति की प्रक्रिया साल 2022 में शुरू की गई थी। जिसमें 10 हजार एएनएम की नियुक्ति के लए 28 जुलाई 2022 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। इसके अनुसार बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन ने अन्य अहर्ताओं के अलावा अम्मीदवारों प्राप्त किए गए अंकों के आधार पर इनकी नियुक्ति होनी थी। लेकिन बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन ने 19 सिंतबर 2023 को विज्ञापन में बदलाव किया था।
बिहार टेक्निकल सर्विस कमिशन ने किया बदलाव
जिसके बाद कमीशन द्वारा गए बदलाव के अनुसार सभी उम्मीदवारों को कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल होना होगा। बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन के इस फैसले को हाईकोर्ट में चैलेंज किया गया। जिसके बाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के.विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने 18 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई कर फैसले को सुरक्षित कर लिया।
कोर्ट ने एएनएम को लेकर लिया ये फैसला
हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद बिहार टेक्निकल सर्विस कमिशन द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करते हुए यह निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर ही एनएनएम की बहाली की जाए। कोर्ट ने अपने फैसले से ये साफ कर दिया की पहले जिस तरह से एनएनएम की नियुक्ति हो अंकों के आधार पर किए जाए।
