Bihar News: पश्चिम चंपारण में चर्चित दयानंद वर्मा हत्याकांड की सुनवाई के दौरान मंगलवार को मृतक की पत्नी कुमारी कुमुद वर्मा ने अदालत में आंखों देखा बयान दर्ज कराया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत में पेश की गईं कुमुद वर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने पति को अपनी आंखों के सामने गोली लगते देखा।
कोर्ट के सामने रोतो-रोते बताई सारी बात
उन्होंने कोर्ट में बताया कि यह घटना 14 फरवरी 2021 की शाम करीब 7:15 बजे की है, जब वह खुद घटनास्थल पर मौजूद थीं। उनके अनुसार, शाम 5 बजे सिरिसिया चौक पर उनके पति और शकील अहमद के बीच ठेकेदारी को लेकर विवाद हुआ था, जिसे पुलिस ने बीच में आकर शांत करा दिया। लेकिन शकील अहमद ने जाते समय उन्हें जान से मारने की धमकी दी और थोड़ी देर बाद फोन कर दयानंद को उसी स्थान पर रुकने की चुनौती दी।
कुमुद ने बताया कि जब वह अपने भाई अभिषेक वर्मा के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं तो देखा कि चार गाड़ियों से लोग आए, जिन्होंने दयानंद पर हमला बोल दिया। उनमें से एक ने शकील अहमद की ओर इशारा करते हुए कहा, "यही है दयानंद वर्मा, पकड़ लो।" आरोप है कि मौके पर मौजूद शकील अहमद, बब्लू जयसवाल, कैफी उर्फ रिजवान, सोनू, सोहराब, रवींद्र यादव, लड्डू सहित कई लोगों ने मिलकर दयानंद को पकड़ लिया और कैफी ने उसकी कनपटी पर गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने एक आरोपी बब्लू जयसवाल को पकड़ लिया और मारपीट कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोर्ट को दर्ज साक्ष्यों में यह भी स्पष्ट हुआ कि कुछ ऐसे नाम हैं जिन्हें एफआईआर में नामजद नहीं किया गया था, लेकिन उनकी संलिप्तता सामने आई है। ऐसे में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत कोर्ट इन व्यक्तियों को समन कर आरोपी बना सकती है। सुनवाई के अगले चरणों में इसी पर फैसला होने की संभावना है।
