Cyclone Arnab: चक्रवात ‘अर्नब’ के असर को देखते हुए ओडिशा में बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि चक्रवात से निपटने के लिए 313 राहत एवं बचाव टीमें तैनात की गई हैं और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 2,037 आश्रय स्थल (Shelter) तैयार रखे गए हैं। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य जनहानि को शून्य रखना है।
मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार को भुवनेश्वर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि चक्रवात का लैंडफॉल आंध्र प्रदेश के तट पर जारी था और इसके आगे बढ़कर ओडिशा के दक्षिणी जिलों को प्रभावित करने की आशंका है।
राहत और बचाव के लिए 313 टीमें तैनात
मंत्री के मुताबिक, राज्य में तैनात 313 टीमों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की 60 टीमें, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की नौ टीमें और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की 244 टीमें शामिल हैं। चक्रवात के खतरे को देखते हुए 2,037 आश्रय स्थलों को तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को वहां सुरक्षित पहुंचाया जा सके। अधिक जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सभी मछली पकड़ने वाली नौकाओं के तट पर लौटने की जानकारी दी गई है।
सुरेश पुजारी ने कहा कि चक्रवात के ओडिशा की तरफ बढ़ने पर प्रशासन लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। संभावित भूस्खलन को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं और कुछ सड़कों को भी बंद कर दिया गया है।
145 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रहे हवा के झोंके
IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी ने बताया कि चक्रवात के केंद्र में हवा की रफ्तार 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की जा रही थी, जबकि झोंकों की गति 145 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। उनके अनुसार, हवा की यह तीव्रता अगले दो से तीन घंटे तक बनी रह सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की उम्मीद है। द्विवेदी ने बताया कि चक्रवात का लैंडफॉल बापटला और विशाखापट्टनम के बीच, यनम के दक्षिण में हो रहा था। इसके शुरुआत में उत्तर-पश्चिम दिशा में धीरे-धीरे बढ़ने और फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ने का अनुमान है। इसके बाद तूफान के छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते हुए ओडिशा को प्रभावित करने की आशंका है।
दक्षिणी ओडिशा के छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। इस बीच, चक्रवात के असर से पुरी तट के पास बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब रही और ऊंची लहरें उठती देखी गईं। प्रशासन चक्रवात की दिशा और संभावित प्रभाव पर लगातार नजर रख रहा है।
