नोएडा

कजरारे-कजरारे...नैनों में बदरा छाएं...गाने सुनते हुए आंखों का ऑपरेशन, जिला अस्पताल में अनोखी पहल

जिला अस्पताल में मरीजों को तनाव से दूर रखने के लिए म्यूजिक का सहारा लिया जा रहा है। यहां ऑपरेशन थिएटर में भी म्यूजिक सिस्टम की व्यवस्था की गई है, जहां मरीजों के पसंद के गाने और भजन सुनाए जाते हैं। म्यूजिक थेरेपिस्ट मरीजों के पसंद का पूरा ध्यान रखता है-

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मरीजों को दी जा रही म्यूजिक थेरेपी

Photo : iStock

Noida: जिलाअस्पताल में मरीजों को तनाव से दूर रखने के लिए म्यूजिक थेरेपी दी जा रही हैं। मरीजों को उनके पसंद के गाने और भजन सुनाए जा रहे हैं। यहां मरीजों के आंखों के ऑपरेशन के दौरान भी उनके पसंद के गाने चलाए जाते हैं, जिससे की वह ऑपरेशन के डर और तनाव से दूर रह सकें। आपको बता दें कि इस अस्पताल में रोजाना 30 से ज्यादा आंखों के ऑपरेशन किए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर मरीज बुजुर्ग होते हैं। ऐसे में उन्हें तनाव से दूर रखना जरूरी होता है। मरीजों को ऑपरेशन थिएटर में भी म्यूजिक सिस्टम की व्यवस्था की गई है। म्यूजिक को लेकर मरीजों के पसंद का भी पूरा ख्याल भी रखा जाता है।

म्यूजिक से चिंता होगी दूर

जिला अस्पताल में मरीजों के पसंद के गाने और भजन के धुन के बीच आंखों का ऑपरेशन किया जा रहा है। यहां ऑपरेशन को लेकर मरीजों का तनाव और चिंता कम करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर का मानना है कि विदेश के अस्पतालों में भी मरीजों के तनाव को कम करने के लिए इस तरह की सुविधा दी जाती है।

रोजाना 30 से ज्यादा ऑपरेशन

जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 30 से ज्यादा आंखों के ऑपरेशन किए जाते हैं। इन मरीजों में ज्यादातर बुजुर्ग मरीज हैं। भले ही आज मोतियाबिंद का सामान्य ऑपरेशन होता है। लेकिन इस दौरान मरीजों में तनाव और चिंता होती है। ऐसे में नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर पंकज त्रिपाठी इन मरीजों के लिए म्यूजिक थेरेपी भी देते हैं। जिससे ऑपरेशन से पहले और बाद में उन्हें इसे लेकर तनाव से दूर रखा जा सकें।

म्यूजिक रखता है स्ट्रेश फ्री

डॉ.पंकज त्रिपाठी बताते हैं कि ऑपरेशन थियेटर में म्यूजिक सिस्टम की गई है। म्यूजिक सिस्टम मरीजों की अनुमति के बाद ही चलाया जाता है। म्यूजिक को लेकर उनके पसंद का भी पूरी तरह से ख्याल रखा जाता है। ऐसे में उनसे पूछकर ही गीत, भजन या संगीत चलाए जाते हैं। डॉ. पंकज त्रिपाठी बताते हैं कि विदेश में ऑपरेशन थियेटर में इस तरह का चलन है। मरीजों को इसका फायदा होता है। मरीज खुशी रहता है तो सकारात्मक हार्मोन शरीर में स्रावित होते हैं, जो बेहद जरूरी है। तनाव की स्थिति में किसी भी तरह की बीमारी को ठीक होने में ज्यादा समय लगता है।

म्यूजिक थेरेपी असरकारक

म्यूजिक की मदद से मरीज की बीमारी से उबारने में सहायता करने की विधि को म्यूजिक थेरेपी है। वैकल्पिक इलाज के रूप में इसका उपयोग बड़े-बड़े अस्पतालों में भी किया जाता है। म्यूजिक थेरेपी के दौरान म्यूजिक थेरेपिस्ट इस बात का ध्यान रखते हैं कि मरीज को किस तरह का म्यूजिक पसंद है। आपको बता दें कि अमेरिकन जर्नल ऑफ होस्पाइस एंड पॉलिएटिव मेडिसिन मैगजीन में छपे एक रिपोर्ट के अनुसार म्यूजिक थेरेपी तनाव को कम करता है, जो मरीजों को रिलैक्स करता है। स्टडी में 57 मरीज और 33 परिजन को म्यूजिक थेरेपी दी गई। मरीजों ने बताया कि उन्हें तनाव से राहत मिली।

भजन और पुराने गानों की डिमांड

डॉक्टर का कहना है कि मरीज इलाज के दौरान ज्यादा भजन सुनना पसंद करते हैं। ज्यादातर मरीज बॉलीवुड के पुराने गीत, जिसमें मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, लता मंगेशकर को सुनना ज्यादा पसंद करते हैं। इस तरह के भजन और गाने डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों को भी पसंद हैं। ऑपरेशन कराने वाले मरीजों में ज्यादातर बुजुर्ग होते हैं। ऐसे में ज्यादातर भजन और पुराने गाने ही चलाए जाते हैं। इसके अलावा कई बार मरीज गीत सुनने की भी फरमाइश करते हैं।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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