नोएडा

फिर मेट्रो तक पहुंचाएंगी NMRC की बसें, 12 रूटों पर मिलेगी सुविधा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 20, 2023, 01:13 PM IST

Noida Metro News: एनएमआरसी एक्वा मेट्रो लाइन के स्टेशनों को जोड़ते हुए 35 मिनी बसें चलाने की तैयारी है। एनएमआरसी की एमडी रितु माहेश्वरी के मुताबिक, बसें चलाने के लिए इसी सप्ताह आरएफपी यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी कर दिया जाएगा।

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Photo : BCCL

Noida Metro News: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) एक बार फिर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों को सौगात देने जा रहा है। एनएमआरसी की ओर से फिर से सिटी बस सर्विस शुरू की जा रही है। इस बस सेवा का उद्देश्य ट्रैफिक को कम करना और आम आदमी की मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच को आसान करना है।

ऐसे एनएमआरसी एक्वा मेट्रो लाइन के स्टेशनों को जोड़ते हुए 35 मिनी बसें चलाने की तैयारी है। एनएमआरसी की एमडी रितु माहेश्वरी के मुताबिक, बसें चलाने के लिए इसी सप्ताह आरएफपी यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी कर दिया जाएगा।

10 बसें खुद खरीदेगा एनएमआरसी

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक, 35 में से 25 बसें पीपीपी मॉडल पर चलाई जाएंगी। जबकि, एनएमआरसी खुद 10 बसों को खरीदने के बारे में विचार कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी बसें नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मेट्रो स्टेशनों को जोड़ेंगी। सभी बसें फीडर सेवा के तौर पर चलाएंगी।

12 रूटों पर होगा बसों का संचालन

एनएमआरसी के मुताबिक, बसें 21 सीटों वाली होंगी और इनमें एसी भी होगा। इन सभी बसों के संचालन के लिए 12 रूटों का चयन किया गया है। बता दें, एनएमआरसी की ओर से पहले 50 एसी बसों का संचालन किया जाता था, लेकिन कोरोना के कारण इनका संचालन बंद कर दिया गया है। अब फिर से इन बसों का संचालन शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

इन रूटों पर चलेंगी बसें...

  1. सेक्टर 51 से डीएलएफ मॉल
  2. सेक्टर 51 से ओखला पक्षी विहार
  3. सेक्टर 142 से सेक्टर 15ए
  4. सेक्टर 51 से एक मूर्ति चौराहा
  5. सेक्टर 150 से परी चौक
  6. सेक्टर 63 से जेपी अंडरपास
  7. गौतमबुद्ध विवि से हिंडन ब्रिज कुलेसरा
  8. परी चौक से नवादा होकर वापस परी चौक
  9. जगत फार्म से एक्सपो मार्ट
  10. राइज चौक से नॉलेज पार्क-5
  11. किसान चौक से कैपिटील एथेना
  12. किसान चौक से मिलक लच्छी होक वापस किसान चौक पुलिस चौकी
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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