UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन एनडीए ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। 26 अप्रैल से गठबंधन के तीन प्रमुख दल बीजेपी, निषाद पार्टी और सुभासपा साझा रैलियों की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस क्रम में पहली रैली पिंडरा क्षेत्र में सुभासपा द्वारा आयोजित ‘सामाजिक समरसता रैली’ होगी, जिसे चुनावी अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। रैली की खास बात यह रहेगी कि काशी के 50 ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के साथ इसका शुभारंभ किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए सुभासपा अपने चुनावी अभियान का शंखनाद करेगी। साथ ही, मंच से महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वालों को भी राजनीतिक जवाब देने की रणनीति अपनाई जाएगी।
पार्टी फोरम तय करेगी कहां से लड़ेंगे चुनाव
सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने बताया कि इस बार एनडीए पूर्वांचल में कमजोर नहीं रहेगी। उसके साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी है। साल 2017 में NDA ने पूर्वांचल में अच्छा प्रदर्शन किया था, क्योंकि उस वक्त सुभासपा बीजेपी के साथ थी। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को वाराणसी में सामाजिक समरसता रैली का आयोजन किया गया है। ओमप्रकाश राजभर के चुनाव लड़ने पर अरविंद राजभर ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर कहां से चुनाव लड़ेंगे यह पार्टी फोरम तय करेगी, हालांकि उन्होंने अपनी तरफ से अतरौलिया और जहुराबाद दोनों सीटों से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी वाराणसी की एक सीट से चुनाव लड़ेगी।
"योगी आदित्यनाथ बब्बर शेर हैं"
गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पथराव की घटना पर भी अरविंद राजभर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विपक्ष सामाजिक समरसता को बिगड़ने का काम कर रहा है। अखिलेश यादव डेलिगेट्स भेजने में मास्टर हैं। शेर के साथ योगी आदित्यनाथ की फोटो को लेकर विवाद पर अरविंद राजभर ने कहा कि, अखिलेश यादव को समझना चाहिए कि योगी आदित्यनाथ बब्बर शेर हैं और उनके साथ ओमप्रकाश राजभर जैसे शेर हैं। 2027 में कौन धड़ाम होगा यह अखिलेश यादव को बखूबी मालूम है। अखिलेश यादव खुली आंखों से सपना देख रहे हैं कि 2027 में सपा की सरकार बनेगी।
