NCR Air Pollution: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने NCR में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद के एक्शन प्लान की उच्चस्तरीय समीक्षा की। यह इस कड़ी की दूसरी बैठक थी, जिसमें तय मानकों और पहले से तय प्लान के तहत प्रगति का आकलन किया गया। मंत्री ने यह साफ निर्देश दिए कि कागजी योजनाओं के बजाय जमीनी स्तर पर दिखने वाले काम किए जाएं।
लेगेसी वेस्ट, ट्रैफिक पर चिंता
बैठक में मंत्री ने लेगेसी वेस्ट, ट्रैफिक जाम, ग्रामीण सड़कों की खराब हालत और शहरी से सटे इलाकों में इमारतों से जुड़े नियमों (Building Bye-laws)के उल्लंघन जैसे मुद्दों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड इंस्पेक्शन करने, पॉल्यूशन हॉटस्पॉट चिह्नित करने और कारणों के लिहाज से सुधार के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए।
C&D और MSW मैनेजमेंट पर निर्देश
गुरुग्राम और फरीदाबाद में निर्माण और ध्वस्तीकरण (C&D) कचरे के रिसाइकिलिंग की व्यवस्था में कमी पर मंत्री ने नाराजगी जताई। नगर आयुक्तों को नगरपालिका ठोस कचरा (MSW) की समस्या के समाधान के लिए इंटीग्रेटेड ए तैयार करने और सड़क धूल कम करने हेतु सड़कों के एंड-टू-एंड पक्कीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
अनरजिस्टर्ड वाहनों पर कार्रवाई
मंत्री ने सड़कों पर चल रहे अनरजिस्टर्ड/डी-रजिस्टर्ड वाहनों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए। CPCB और हरियाणा CBCB को फरीदाबाद और नूंह के कुछ हिस्सों में कचरे के टायर जलाकर तेल निकालने वाली अवैध इकाइयों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही, दोनों शहरों में सतत वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों (CAAQMS) की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया।
ट्रैफिक हॉटस्पॉट और छोटे उपाय
खुले क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए नगर निकायों को वन विभाग के साथ मिलकर देशी, गर्मी झेलने वाली और कम पानी वाली झाड़ियां और घास लगाने को कहा गया। ट्रैफिक कंजेशन हॉटस्पॉट पर तुरंत, लागू किए जा सकने वाले उपाय अनावश्यक बैरिकेड हटाना, अवैध पार्किंग खत्म करना और पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।।
अच्छी पहलों की सराहना
मंत्री ने फरीदाबाद की ‘पॉटहोल एंबुलेंस पहल’ की सराहना की, जिसमें 72 घंटे के भीतर गड्ढों की मरम्मत होती है, और इसे NCR में दोहराने का सुझाव दिया। इसके अलावा सार्वजनिक पार्कों का फिर से हरा-भरा करने, मियावाकी पद्धति से पौधारोपण, ग्रीन श्मशान और ट्रीटेड सीवेज वॉटर के फिर इस्तेमाल जैसी पहलों पर भी चर्चा हुई।
