राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने दिवाला प्रक्रिया का सामना कर रही सुपरटेक की 16 रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। NCLAT ने इन प्रोजेक्ट्स का अधिग्रहण करने वाली सरकारी कंपनी नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (NBCC) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित निगरानी समिति से प्रत्येक प्रोजेक्ट को पूरा करने की अलग-अलग निश्चित समय-सीमा मांगी है। मामले की सुनवाई कर रही तीन सदस्यीय NCLAT पीठ ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले समिति एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें हर परियोजना की संभावित पूर्णता तारीख और वर्तमान में उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का ब्योरा शामिल हो। मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।
सांकेतिक चित्र
12 से 36 महीने में काम पूरा होने का अनुमान, लेकिन नहीं मिली पक्की तारीख
सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन परियोजनाओं की निगरानी के लिए गठित समिति ने हाल ही में NCLAT में एक हलफनामा दाखिल किया था। इस हलफनामे में निर्माण कार्य शुरू करने और उन्हें पूरा करने के लिए 12 से 36 महीने की नई समय-सीमा प्रस्तावित की गई थी। हालांकि, NCLAT ने असंतोष जताते हुए कहा कि हलफनामे में प्रत्येक परियोजना के लिए कोई स्पष्ट और ठोस अंतिम तारीख नहीं दी गई है। इसी के चलते अदालत ने हर एक परियोजना का अलग-अलग टाइम-टेबल पेश करने का आदेश दिया।
ऑडिट, मंजूरी और फंड जुटाने का पूरा शेड्यूल
समिति द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों के अनुसार, निर्माण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की गई है। निर्माण शुरू करने से पहले जरूरी तकनीकी जांच और ऑडिट 15 जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। ऑडिट के बाद 16 जनवरी 2027 से संबंधित सरकारी प्राधिकरणों से अनिवार्य मंजूरियां लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। NBCC द्वारा निर्माण कार्यों के ठेके आवंटित करने की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट्स के लिए अंतरिम फंड जुटाने की प्रक्रिया मार्च 2027 तक चल सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट मांगी है, जो दिसंबर 2026 तक आने की उम्मीद है।
फंड जुटाने में ब्याज दरों की चुनौती
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुछ निजी वित्तीय संस्थाओं की ओर से फंड की पेशकश की गई थी, लेकिन अधिक ब्याज दरें होने के कारण वे प्रस्ताव व्यावहारिक नहीं पाए गए। इसके चलते अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से वित्तीय मदद लेने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि NCLAT ने दिसंबर 2024 में एनबीसीसी को सुपरटेक की इन 16 परियोजनाओं को पूरा करने का जिम्मा सौंपा था। सुपरटेक कंपनी वर्तमान में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की याचिका पर शुरू हुई कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है।
