महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने बासी भोजन परोसे जाने को लेकर मुंबई में विधायक हॉस्टल के कैंटीन के एक कर्मचारी को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। मंगलवार रात को हुई इस घटना के बाद बुलढाणा के विधायक गायकवाड़ ने कहा कि उन्हें परोसे गये भोजन की गुणवत्ता खराब थी और वह इस मुद्दे को महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान उठाएंगे।यह घटना 'आकाशवाणी एमएलए' हॉस्टल में हुई और इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए गायकवाड़ ने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से कहा, 'मैंने दो-तीन बार पहले भी भोजन की खराब गुणवत्ता की शिकायत की थी। लेकिन इस बार तो भोजन बिल्कुल खराब था। मैं यह मुद्दा विधानसभा के मौजूदा सत्र में जरूर उठाऊंगा।'
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात को गायकवाड़ ने विधायक हॉस्टल के कैंटीन से खाना मंगवाया था। जब उनके कमरे में दाल और चावल पहुंचा, तो वह बासी और बदबूदार लगा।
विधायक भोजन की गुणवत्ता को लेकर बेहद गुस्से में थे
उन्होंने बताया कि इससे नाराज होकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के विधायक गायकवाड़ सीधे कैंटीन में पहुंचे और उनकी वहां प्रबंधक से तीखी बहस हुई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक भोजन की गुणवत्ता को लेकर बेहद गुस्से में थे और उन्होंने वहां मौजूद अन्य लोगों से भी कहा कि वे इस खाने का बिल न चुकाएं। बहस के दौरान उन्होंने कैंटीन संचालक को थप्पड़ भी मार दिया।
पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं
गायकवाड़ पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। उन्होंने पिछले साल सितंबर में कहा था कि जो कोई भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आरक्षण प्रणाली को खत्म करने की टिप्पणी के कारण उनकी जुबान काटेगा, वह उसे 11 लाख रुपये का इनाम देंगे। बुलढाणा पुलिस ने बाद में उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया था।
'कैंटीन का खाना पूरी तरह से सड़ा हुआ था...' विधायक की सफाई
शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने एक व्यक्ति की पिटाई किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैंने आकाशवाणी कैंटीन से खाना मंगवाया था और उन्होंने मुझे चावल, दाल और करी दी। जैसे ही मैंने पहला निवाला खाया तो मुझे लगा कि खाने में कुछ गड़बड़ है। दूसरे निवाले से मुझे उल्टी हो गई। कैंटीन का खाना पूरी तरह से सड़ा हुआ था और दाल भी खराब हो गई थी। मैंने पहले भी कैंटीन के मालिक को समझाया है कि अच्छा खाना दिया करो, लेकिन वहां लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।'
'सभी लोगों ने कहा कि यह खाना खाने के लायक नहीं...'
विधायक ने कहा कि खाना की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि यह सीधे तौर पर सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था। उन्होंने कहा, 'मैं एक किसान परिवार से आता हूं और मेरे सामने अगर कोई सब्जी रखी जाएगी तो मैं बता सकता हूं कि वह कितनी पुरानी है। मुझे रात के समय जो खाना दिया गया, वह तीन-चार दिन का रखा हुआ खाना था। मैंने तुरंत ही मैनेजर को बुलाया और वहां मौजूद सभी लोगों को खाना दिखाया, उसमें से बदबू आ रही थी। सभी लोगों ने कहा कि यह खाना खाने के लायक नहीं है। इसलिए मैंने वहां रिएक्ट किया।' शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने कर्मचारी को पीटे जाने के सवाल पर कहा कि इतना खराब खाना देना खाने वाले की सेहत से खेलने के समान है। इसलिए उन्होंने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न तो मुझे उस व्यक्ति का नाम पता है और न ही धर्म। मुझे बस इतना पता था कि वह मेरी जान से खेल रहा था और इसलिए मेरी ओर से तुरंत प्रतिक्रिया आई।
MLA संजय ने विपक्ष पर भी किया पलटवार
संजय गायकवाड़ ने विपक्ष पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'शिवसेना (UBT) को बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उनके एक सांसद ने 10 साल पहले एक कर्मचारी के मुंह में रोटी ठूंसकर मारा था। मैंने अनाज का अपमान नहीं किया है, लेकिन मुझे लगता है कि जो गलत है, उसे मैं गलत ही कहूंगा। अगर कोई मुझे ट्रोल करता है तो इसकी परवाह मैं नहीं करता हूं।'
