Mumbai News: मुंबई शहर के गिरगांव इलाके में रहने वाले एक व्यापारी परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। 59 साल के एक बिजनेसमैन, उसकी पत्नी और 25 साल के उसके बेटे ने स्टॉक मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक लॉन्ज संचालक से 1.30 करोड़ की ठगी कर ली थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जांच तेज कर दी है।
गेमिंग टूर्नामेंट से शुरू हुई दोस्ती
शिकायतकर्ता का नाम नोट्रीगा इंजीनियर है, जो लैमिंग्टन रोड पर एक लॉन्ज चलाता है। उसने FIR में बताया कि उनकी मुलाकात 2018 में प्रज्वल शाह नामक युवक से एक गेमिंग टूर्नामेंट के दौरान हुई थी। शुरुआत में प्रज्वल ने उनसे छोटे-छोटे अमाउंट उधार लेकर समय पर वापस लौटाए, जिससे विश्वास गहरा होता गया।
8 दिनों में पैसे बढ़ाने का था दावा
इसके बाद प्रज्वल ने उन्हें बताया कि उनके पिता के पास स्टॉक मार्केट में एक 'स्पेशल प्लान' है, जिसमें केवल 8 दिनों में 5–10% तक मुनाफा मिलता है। लालच में आकर नोट्रीगा ने न केवल खुद निवेश किया, बल्कि अपने दोस्तों को भी जोड़ा। 2019 से 2021 के बीच शाह परिवार के बैंक खातों में नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से 91 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए ।
देर से समझ आया मामला
2020 के आखिर में योजना में गड़बड़ी दिखने लगी और लाभ मिलना बंद हो गया। जब नोट्रीगा ने पैसे वापस मांगे, तो प्रज्वल और उनके माता-पिता ने बहाने बनाने शुरू कर दिए, जैसे लोन पेंडिंग होना और मां के कैंसर का इलाज चलना। इसी दौरान उन्होंने 20 लाख रुपये अतिरिक्त नकद भी ऐंठ लिए और 19 लाख रुपये ब्याज देने का झांसा दिया।
शाह परिवार ने भरोसे में लेने के लिए दो पोस्ट डेटेड चेक दिए एक 32 लाख और दूसरा 98 लाख का। जब पहला चेक जमा किया गया, तो वह अकाउंट में राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद परिवार ने फोन कॉल और संपर्क से दूरी बना ली।
मामला जांचकर पुलिस ने की गिरफ्तारी
पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की, तो पता चला कि ये ट्रांजेक्शन 'ग्लोबल ट्रेडर्स' नामक एक फर्जी कंपनी के खाते में गए थे, जिसे नितिन बोहरा और पंकज जैन नामक व्यक्ति चला रहे थे। प्रज्वल शाह इस खाते से राशि नकद में निकालते थे। पुलिस के अनुसार, निवेश का दावा महज झांसा था,पैसा किसी स्टॉक मार्केट में नहीं लगाया गया, बल्कि शाह परिवार ने उसका निजी उपयोग किया।
पुलिस ने मामले में तीनों पिता, मां और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
