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Mumbai Municipal Result: नेताओं के बेटे-बेटियों का क्या हुआ? कौन जीता कौन हारा

महाराष्ट्र में 2026 के नगर निकाय चुनावों में शानदार जीत हासिल करते हुए 29 महानगरपालिकाओं की 2,869 सीटों में से 1,425 पर अपना परचम लहराया और उद्धव ठाकरे से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का नियंत्रण छीन लिया। आइये जानते हैं नेताओं के बेटे-बेटियों का क्या हुआ?

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बीएमसी चुनाव रिजल्ट

Mumbai Municipal Polls: नगर निकाय चुनाव के नतीजों में इस बार कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं के बेटे-बेटियों की किस्मत दांव पर रही। नतीजों में जहां ठाकरे गुट की शिवसेना और भाजपा के कई नेताओं के परिजनों ने जीत दर्ज की, वहीं शिंदे गुट की शिवसेना को कई अहम सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। ठाकरे गुट की शिवसेना के विधायक सुनील प्रभु के बेटे अंकित प्रभु ने वार्ड क्रमांक 54 से जीत हासिल की। वहीं, विधायक हारून खान की बेटी सबा हारून खान ने प्रभाग क्रमांक 64 से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक शुरुआत को मजबूती दी।

इसी तरह, ठाकरे गुट के सांसद संजय दिना पाटिल की बेटी राजुल पाटिल ने प्रभाग क्रमांक 114 से जीत दर्ज की। पूर्व सांसद विनायक राऊत के बेटे गितेश राऊत भी प्रभाग क्रमांक 89 से विजयी रहे।

भाजपा खेमे से भी एक बड़ी जीत सामने आई। भाजपा के पूर्व विधायक राज पुरोहित के बेटे आकाश पुरोहित ने प्रभाग क्रमांक 221 से चुनाव जीतकर पार्टी की स्थिति मजबूत की। इसके अलावा, भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे नील सोमैया ने प्रभाग क्रमांक 107 से जीत हासिल की।

शिंदे गुट को झटका

दूसरी ओर, शिंदे गुट की शिवसेना को कई सीटों पर निराशा हाथ लगी। पार्टी के सांसद रविंद्र वायकर की बेटी दीप्ती वायकर पोतनिस प्रभाग से चुनाव हार गईं। विधायक मंगेश कुडाळकर के बेटे जय कुडाळकर, जबकि विधायक अशोक पाटिल के बेटे रुपेश पाटिल भी पराजित हुए। इसके अलावा ठाकरे गुट के पूर्व विधायक विनोद घोसाळकर के बेटे सौरभ घोसाळकर को भी प्रभाग क्रमांक 7 से हार का सामना करना पड़ा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र में 2026 के नगर निकाय चुनावों में शानदार जीत हासिल करते हुए 29 महानगरपालिकाओं की 2,869 सीटों में से 1,425 पर अपना परचम लहराया और उद्धव ठाकरे से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का नियंत्रण छीन लिया।इसके साथ ही देश के सबसे धनी नगर निकाय में ठाकरे परिवार का तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया है।

बीएमसी की 227 सीटों में से भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें अपने नाम कीं। वहीं, शिवसेना (उबाठा) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को छह सीटें मिलीं। वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीटें, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को आठ, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और राकांपा (शप)को सिर्फ एक सीट मिली।

महाराष्ट्र में जिन नगर निकायों में चुनाव हुए थे, उनमें मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणी, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल रहे।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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