Meerut News: सोशल मीडिया के चस्के ने आज हर किसी को अपनी चपेट में लिया हुआ है। कुछ लोग इसका बेहतर इस्तेमाल करके अपना हुनर दुनिया को दिखा रहे हैं, तो कुछ लोग इससे अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। इस दौरान कई लोग अपने पद और प्रोफेशन की गरिमा के विरुद्ध भी सोशल मीडिया पोस्ट कर देते हैं। कई प्रोफेशन ऐसे हैं, जिनमें सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर कुछ हद तक प्रतिबंध होता है। पुलिस जैसे कुछ प्रोफेशन में डिसिप्लेन काफी अहम होता है। ऐसे में सोशल मीडिया के इस्तेमाल के समय उन्हें काफी सावधान रहना पड़ता है, लेकिन कुछ पुलिसकर्मी वह सावधानी रखना भूल जाते हैं। ऐसे ही एक कथित मामले में मेरठ की एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) को सस्पेंड कर दिया गया है।
आपत्तिजनक वीडियो मामले में मेरठ की महिला सब इंस्पेक्टर सस्पेंड
आरोप है कि मेरठ की इस महिला SI के अपने 2 Youtube चैनल और 1 Instagram अकाउंट था। महिला पुलिस अधिकारी ने अपने इन तीनों सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आपत्तिजनकर वीडियो डाले हुए थे। मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आ गया, जिसके बाद महिला दरोगा तो सस्पेंड कर दिया गया। इस पूरे मामले की विभागीय जांच क्षेत्राधिकारी कार्यालय की श्रीमति सौम्या सिंह को सौंप दी गई है। इसके साथ ही आरोपी महिला अधिकारी के सोशल मीडिया से सभी आपत्तिजनक वीडियो भी डिलीट करवा दिए गए हैं।
महिला दरोदा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद मेरठ पुलिस ने विभागीय कार्रवाई करते हुए महिला SI अनु रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार पहली नजर में मामला विभागीय सोशल मीडिया रेगुलेशन के उल्लंघन से जुड़ा पाया गया है। इसके आधार पर SI के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार के अनुसार मेरठ जिले में तैनात SI का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। विभागीय सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन को लेकर रिपोर्ट मिलने के बाद महिला SI को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े तकनीकी तथ्यों की जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
इस मामले की विभागीय जांच क्षेत्राधिकारी कार्यालय की सौम्या सिंह को सौंपी गई है। जांच में मामले से जुड़े तथ्यों, विभागीय नियमों और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन की स्थिति की जांच की जाएगी। हालांकि, सोशल मीडिया पर जो वीडियो महिला दरोगा से जोड़कर वायरल हो रहा है, उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और टाइम्स नाउ नवभारत भी इसकी पुष्टि नहीं करता।
