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मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड अपडेट: मौत की सजा सुनते ही उड़ी मुस्कान और साहिल की नींद, जेल के कपड़ों और कैदी नंबर से तय होगी अब नई जिंदगी

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड अपडेट: मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृत्युदंड मिलने के बाद मुस्कान और साहिल की बेचैनी बढ़ गई है। दोनों ने खाना-पीना छोड़ा, जेल प्रशासन ने कैदी नंबर (395 और 396) और विशेष बैरक आवंटित किए।

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मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड अपडेट: मौत की सजा सुनते ही उड़ी मुस्कान और साहिल की नींद, जेल के कपड़ों और कैदी नंबर से तय होगी अब नई जिंदगी

Meerut Blue Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश के सनसनीखेज सौरभ राजपूत 'नीला ड्रम' हत्याकांड (Meerut Blue Drum Murder Case) में अदालत द्वारा मृत्युदंड (Death Sentence) की सजा सुनाए जाने के बाद दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की मुश्किलें और मानसिक बेचैनी अपने चरम पर पहुंच गई है। अदालत का फैसला आने के बाद से दोनों की नींद उड़ गई है और वे पूरी तरह टूट चुके हैं।

जेल प्रशासन के अनुसार, सजा के ऐलान के बाद से दोनों ने मानसिक तनाव के चलते अन्न का एक दाना भी नहीं लिया है।

जेल में कटी बेचैनी भरी रात, खाना-पीना छोड़ा

वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने जानकारी दी कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में सजा सुनाए जाने के बाद से दोनों आरोपी गहरे तनाव में हैं:

भूख-प्यास और नींद गायब: सजा सुनाए जाने से पहले और उसके बाद की रात दोनों ठीक से सो नहीं सके। उन्होंने रात का खाना नहीं खाया और सुबह दिया गया नाश्ता भी अछूता ही छोड़ दिया।

बेटी के भविष्य की चिंता: जेल सूत्रों के मुताबिक, मुस्कान को अपनी बेटी की परवरिश और उसके भविष्य की भयंकर चिंता सता रही है कि मृत्युदंड मिलने के बाद उसकी संतान का ख्याल कौन रखेगा।

अब नाम नहीं, 'बंदी नंबर' से होगी पहचान

न्यायालय के आदेश के बाद अब जेल के अंदर दोनों की पहचान उनके सामान्य नामों के बजाय आधिकारिक 'बंदी नंबर' से होगी:

साहिल शुक्ला को बंदी नंबर: 395/2026

मुस्कान रस्तोगी को बंदी नंबर: 396/2026

बैरक और जेल के सख्त नियम

दोषियों को जेल नियमावली के तहत अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कर दिया गया है और उन्हें आम कैदियों की तरह जीवन बिताना होगा:

बैरक आवंटन: मुस्कान को महिला विंग की बैरक नंबर 12-बी में रखा गया है, जबकि साहिल को पुरुष जेल की बैरक नंबर 15 में बंद किया गया है।

जेल के कपड़े: अब दोनों को केवल जेल के निर्धारित परिधान पहनने होंगे। साहिल को सफेद रंग के दो जोड़े कुर्ता-पायजामा दिए गए हैं, जबकि मुस्कान को सफेद और क्रीम रंग की एक साड़ी और एक सूट दिया गया है।

श्रम (काम): जेल के नियमों के अनुसार दोनों से काम भी लिया जाएगा। मुस्कान को जेल के अंदर सिलाई का काम सौंपा गया है, वहीं साहिल को खेती-बाड़ी से जुड़े कार्यों में लगाया जाएगा।

इस चर्चित हत्याकांड में अदालत से मौत की सजा मिलने के बाद अब दोनों के सामने उच्च अदालतों में कानूनी विकल्प ही बचे हैं, लेकिन फिलहाल उनकी जेल की सलाखों के पीछे की शुरुआत बेहद तनावपूर्ण रही है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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