Maharashtra News: महाराष्ट्र के गोंदिया जिले (Gondia elderly woman murder case) से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। पुलिस ने एक शातिर हत्यारे को महज चबाई हुई सुपारी के टुकड़ों के वैज्ञानिक परीक्षण के जरिए दबोच लिया है। मामला सड़क अर्जुनी तहसील के पळसगांव (राका) का है, जहां 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला कुसुमबाई चैतराम कापगते की घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपी उनके शरीर से सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गया था।
यह घटना 2 सितंबर 2026 की है, जब बुजुर्ग महिला घर पर बिल्कुल अकेली थीं। मौका पाकर उनके ही पड़ोस में रहने वाले एक शख्स ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। मृतका के पास से सोने की दो चूड़ियां, एक अंगूठी और सोने के मोतियों वाला काला पोत चोरी कर लिया गया था, जिसकी कुल कीमत करीब 1 लाख 32 हजार रुपये आंकी गई। इस संबंध में डुग्गीपार पुलिस थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या और लूट का मामला दर्ज किया गया था।
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शुरुआत में पुलिस के लिए यह केस पूरी तरह से ब्लाइंड था। कोई पुख्ता सुराग हाथ न लगने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वॉड और मोबाइल डेटा का सहारा लिया। इसी बीच, पुलिस की नजर घटनास्थल पर पड़े चबाई हुई सुपारी के कुछ टुकड़ों पर पड़ी। पुलिस ने बिना देर किए उन टुकड़ों को फॉरेंसिक लैब नागपुर जांच के लिए भेज दिया। साथ ही गांव के चार संदिग्धों के खून के नमूने लेकर डीएनए टेस्ट करवाए गए। जब नागपुर से फॉरेंसिक रिपोर्ट आई, तो साफ हो गया कि सुपारी पर मिला डीएनए पड़ोसी विलास किशन मेश्राम से पूरी तरह मेल खाता है।
इसके बाद पुलिस ने 42 वर्षीय आरोपी विलास मेश्राम को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में उसने टूटते हुए कबूल किया कि वह भारी कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसके चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। उसने लूटे हुए गहनों को बेचने के लिए कुछ सराफा कारोबारियों से भी संपर्क किया था। गोंदिया के पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के मार्गदर्शन में पुलिस अब चोरी गए आभूषणों को बरामद करने की कार्रवाई में जुटी है।
