LPG Crisis: उत्तर भारत के प्रमुख शहरों चंडीगढ़ और पंजाब में एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत ने आम आदमी की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। लगातार दूसरे दिन गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की किलोमीटर लंबी कतारें देखी गईं। आलम यह है कि लोग सुबह तड़के से ही खाली सिलेंडर लेकर लाइनों में लग रहे हैं, लेकिन शाम तक भी उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है।
गैस एजेंसी के बाहर लोगों की कतार
राम दरबार में 'कल' के भरोसे लोग
चंडीगढ़ के राम दरबार इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। यहां गैस एजेंसी के बाहर महिलाएं और बुजुर्ग चिलचिलाती धूप में अपने नंबर का इंतजार करते दिखे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि एजेंसियां मनमानी कर रही हैं। पहले जो सिलेंडर आसानी से घर पर डिलीवर हो जाते थे, अब उनके लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। एजेंसी कर्मचारी 'सर्वर डाउन' होने या 'कल आने' की बात कहकर लोगों को टाल रहे हैं। कई घरों में गैस खत्म हो चुकी है, जिसके कारण लोग मजबूरी में इंडक्शन चूल्हे या बाहर के खाने पर निर्भर हैं।
KYC के नाम पर उलझाए जा रहे उपभोक्ता
मोहाली के जीरकपुर में भी नजारा कुछ अलग नहीं था। यहां उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्हें KYC अपडेट करवाने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग बंद है और फोन लाइनें भी काम नहीं कर रही हैं। कई परिवारों ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्होंने पुराने दौर की तरह लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। बुकिंग होने के बावजूद डिलीवरी न मिलना लोगों के गुस्से को और बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सख्त चेतावनी
LPG संकट की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने राज्य के सभी जिला उपायुक्तों (DC) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि आम जनता को रोजमर्रा की चीजों के लिए परेशान न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि खाड़ी युद्ध के कारण आने वाले दिनों में आपूर्ति में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन सरकार केंद्र के साथ लगातार संपर्क में है। भगवंत मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस संकट की आड़ में अगर कोई कालाबाजारी या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिलों में LPG की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी का माहौल न बनने दिया जाए।
अफवाहों और युद्ध का असर
गैस की इस कमी के पीछे वैश्विक स्तर पर चल रहा खाड़ी युद्ध और स्थानीय स्तर पर फैल रही अफवाहों को बड़ा कारण माना जा रहा है। लोग डर के मारे पैनिक बुकिंग कर रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और केवल जरूरत पड़ने पर ही सिलेंडर की मांग करें।
