कल का मौसम (Kal Ka Mausam): भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, जबकि अगले कुछ दिनों में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वेदर सिस्टम की बात करें तो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर स्थित है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित उपरोक्त चक्रवाती परिसंचरण से लेकर उत्तरी तमिलनाडु तक, निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक द्रोणिका फैली हुई है। इसके साथ ही एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर स्थित है। एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण अब पूर्वी-मध्य अरब सागर और उससे सटे तटीय कर्नाटक के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर स्थित है। एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी अंडमान सागर और उसके आस-पास के निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर स्थित है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून अपडेट (फोटो सोर्स- IMD)
क्या है IMD का वेदर अपडेट?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों में केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके साथ ही अगले 6 से 7 दिनों के दौरान केरल के विभिन्न इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं तमिलनाडु और कर्नाटक के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों सहित दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं की गति लगभग 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है दक्षिण-पश्चिम मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और वर्तमान में इसकी उत्तरी सीमा दक्षिण भारत तथा बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान मानसून के और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। साथ ही पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के बाकी क्षेत्रों में भी मानसून के विस्तार की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का मानना है कि अनुकूल वातावरण बने रहने पर आने वाले दिनों में मानसून और अधिक क्षेत्रों को कवर कर सकता है।
दिल्ली में कल का मौसम
4 जून 2026 को दिल्ली का मौसम बदलता हुआ नजर आ सकता है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और सुबह के समय बादलों की मौजूदगी अधिक रह सकती है। दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली गिरने तथा धूल भरी आंधी के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार सामान्यतः 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। रात में भी हल्की बूंदाबांदी या हल्की बरसात का एक और दौर देखने को मिल सकता है। तापमान की बात करें तो राजधानी में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अधिकांश इलाकों में तापमान सामान्य स्तर के आसपास बना रहेगा। वहीं सतही हवाएं मुख्य रूप से पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से चलने की संभावना है। सुबह हवा की गति लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो दोपहर में बढ़कर करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। शाम और रात के समय हवा की रफ्तार घटकर लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
यूपी में कल के मौसम का हाल
4 जून को उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम की इस गतिविधि के कारण तापमान में कुछ गिरावट दर्ज होने और लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिलने के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में आंधी-तूफान जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। बादलों की आवाजाही के साथ बिजली चमकने और तेज झोंकों वाली हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन मौसमी गतिविधियों का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल सकता है।
बिहार में कल का मौसम कैसा रहेगा?
IMD के मुताबिक, 4 जून के दौरान बिहार में मौसम सक्रिय बने रहने की आशंका जताई गई है। इस अवधि में राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। कुछ जगहों पर वर्षा और तेज हवाओं का प्रभाव रहने की संभावना है, जबकि आगे भी मौसम का यही रुख जारी रह सकता है। IMD का कहना है कि इन दिनों हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे कुछ क्षेत्रों में तेज झोंकों वाली हवाएं चलने के आसार हैं। बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
राजस्थान में IMD का क्या अलर्ट है?
एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में बुधवार से आंधी व बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने का अनुमान है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत रहेगी। इसके अनुसार एक और नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से तीन-चार जून को बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में फिर से तेज आंधी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है।
इस दौरान कहीं-कहीं 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलेगा। आंधी बारिश के प्रभाव से आगामी एक सप्ताह ज्यादातर भागों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री से नीचे दर्ज होने व ’हीटवेव’ से राहत बने रहने का अनुमान है। राज्य में बुधवार सुबह तक बीते चौबीस घंटे में पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं पर हल्की वर्षा दर्ज की गई। पश्चिमी राजस्थान में भी हल्की वर्षा हुई और धूल भरी आंधी चली। सबसे ज्यादा बरसात रामगढ (जैसलमेर) में 15.0 मिलीमीटर हुई जबकि ज्यादा अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस फलोदी में दर्ज किया गया।
पंजाब-हरियाणा में मौसम कल कैसा रहेगा?
बात अगर पंजाब हरियाणा की करें तो यहां भी 4 से 6 जून के दौरान कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। बादलों की आवाजाही और वर्षा की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। खासतौर 4 जून को पंजाब तथा हरियाणा में मौसम अधिक सक्रिय रह सकता है। वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों में तेज आंधी और तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने के साथ झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
ओडिशा में 4 दिनों तक गरज के साथ बारिश होने की संभावना
IMD ने बुधवार को कहा कि अगले चार दिनों के दौरान ओडिशा के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। बृहस्पतिवार को दोपहर और शाम के समय 22 जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है, जिसके लिए मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट’ (सावधान रहें) जारी किया है। ये जिले हैं बालासोर, क्योंझर, मयूरभंज, कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट, मलकानगिरी, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, अंगुल, ढेंकनाल, बौध, कंधमाल, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा और नयागढ़। इसी के साथ कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी।
तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में कोयंबटूर, नीलगिरी, थेनी, तिरुप्पुर, तिरुनेलवेली, तेनकासी, डिंडीगुल, कन्याकुमारी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने यह भी कहा है कि गुरुवार को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब मंगलवार को तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। नमक्कल जिले के रसिपुरम में पुराने बस स्टैंड के पास सरकारी अस्पताल परिसर में बारिश का पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ा। नए बस स्टैंड बाजार क्षेत्र में भी जलभराव हुआ, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। तिरुपत्तूर जिले में अंबूर, अलंगकुप्पम और पेरियंकुप्पम में ओलावृष्टि (ओले गिरना) दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए। विनमंगलम में नागालम्मन मंदिर के पास एक पूवारसु का पेड़ घर पर गिर गया, जबकि एक बड़ा बरगद का पेड़ डांडू मारियम्मन मंदिर पर गिर पड़ा।
कहां-कहां भीषण बारिश का अलर्ट है?
मौसम विभाग के अनुसार 4 से 8 जून के दौरान दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। सबसे अधिक असर केरल और माहे में देखने को मिल सकता है, जहां कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (7 से 20 सेंटीमीटर तक) होने का अनुमान है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 4 से 8 जून तथा असम और मेघालय में 5 से 8 जून के बीच भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं पूर्वी भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 6 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
अधिकतम तापमान कैसा रहेगा?
अगले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत में 3 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जबकि 4 से 6 जून के बीच तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है। इसके बाद 7 से 9 जून के दौरान फिर से 3 से 5 डिग्री तक तापमान बढ़ने के आसार हैं। पूर्वी भारत में 5 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है, जबकि 6 से 9 जून के बीच तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। महाराष्ट्र और गुजरात में 5 जून तक तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि गुजरात में 6 से 9 जून के दौरान तापमान फिर से 2 से 3 डिग्री बढ़ सकता है। देश के अन्य अधिकांश हिस्सों में 9 जून तक तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।
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