झारखंड विधानसभा के पास सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने पानी की बौछारें कीं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। झड़प तब हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने झारखंड विधानसभा के पास लगे कई अवरोधक तोड़ दिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में महिलाओं सहित उनके कई साथी घायल हुए हैं। इसी बीच भाजपा ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर "पुलिस के अत्याचार" और लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है।
11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान (फोटो-PTI)
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि बंद मंगलवार सुबह आठ बजे से मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह राज्यव्यापी बंद होगा। हालांकि, सभी आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।
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अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को झारखंड विधानसभा के पास हुए टकराव में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लिया।
प्रदर्शनकारियों के झारखंड विधानसभा के पास लगाए गए अवरोधक तोड़ने के बाद यह टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में महिलाओं समेत कई लोग घायल हुए हैं। वहीं, रांची के पुलिस अधीक्षक (शहर) पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारी अवरोधक तोड़कर विधानसभा के गेट नंबर-एक तक पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। पुलिस द्वारा दोबारा लाठीचार्ज किए जाने के बावजूद उन्होंने मांगें पूरी होने तक हटने से इनकार कर दिया। भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन के 17वें दिन सुबह करीब साढ़े 10 बजे पुराने विधानसभा भवन के बाहर से मार्च शुरू हुआ। यह मार्च मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के दिन निकाला गया।
