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जामिया में ‘फ्री कश्मीर’ के नारे लिखने पर बोले मौलाना साजिद रशीदी-"छात्रों के प्रदर्शन को खत्म करने की कोशिश"

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र प्रदर्शन के दौरान शरजील इमाम और ‘फ्री कश्मीर’ से जुड़े पोस्टरों को लेकर विवाद हुआ। मौलाना साजिद रशीदी ने इसे आंदोलन कमजोर करने की कोशिश बताया।

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मौलाना साजिद रशीदी (File Photo)

Photo : ANI

जामिया में शरजील इमाम और ‘फ्री कश्मीर’ के नारे लिखे जाने के मामले पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जामिया में छात्र अपने अधिकारों और हक के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इस प्रदर्शन को खत्म करने के मकसद से कुछ लोग इसमें शामिल होकर ऐसे नारे लिख रहे हैं।

‘मुसलमान ऐसे नारों का समर्थन नहीं कर सकता’

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुसलमान शरजील इमाम के समर्थन में या ‘फ्री कश्मीर’ जैसे नारों की बात नहीं कर सकता। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में कुछ ऐसे लोग शामिल हो गए हैं, जो इस तरह के नारे लिख रहे हैं। रशीदी ने कहा कि शरजील इमाम और उनके साथ एक अन्य व्यक्ति को जेल में रहते हुए लगभग पांच साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक उनके मामले में मुकदमे की सुनवाई शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जरूर बात हो सकती है।

इमरान मसूद बोले- प्रदर्शन में नहीं लगे ‘फ्री कश्मीर’ के नारे

वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जामिया के छात्रों के प्रदर्शन के दौरान ‘फ्री कश्मीर’ के समर्थन में कोई नारा नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऐसे नारों की निंदा की और स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। मसूद के मुताबिक, परिसर में जम्मू-कश्मीर से जुड़े पोस्टर लगाने वाले लोग छात्र आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे थे और उनका छात्रों के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ पुलिस से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। मसूद प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने जामिया पहुंचे थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए छात्र संघ बहाल करने की जरूरत पर भी सवाल उठाया।

छात्रों की मांगों पर सात सदस्यीय समिति गठित

जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों पर विचार करने और परिसर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। यह कदम छात्रों की भूख हड़ताल और विरोध-प्रदर्शन के बीच उठाया गया। विश्वविद्यालय के अनुसार, 18 अक्टूबर को कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, रजिस्ट्रार प्रो. एमडी महताब आलम रिजवी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के बाद समिति बनाने का फैसला लिया गया। समिति प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करेगी, उनकी मांगों की समीक्षा करेगी और परिसर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए जरूरी कदम सुझाएगी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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