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मध्य प्रदेश में भारी बारिश, उफान पर नाले-नदियां और पोखर, बस्तियों में घुसा बाढ़ का पानी; 24 घंटे के लिए अलर्ट

मध्य प्रदेश में मॉनसूनी बारिश से नाले, नदियां और तालाब लबालब हो गए हैं। लगातार झमाझम बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

भोपाल: मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में सक्रिय मानसून के चलते जोरदार और झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस बारिश ने कई इलाकों में मुसीबत बढ़ा दी है। आवागमन बाधित हो रहा है और कई परिवार बारिश के पानी में घिर गए हैं। इतना ही नहीं, नदी नालों से लेकर बांध का जलस्तर भी बढ़ गया है। राज्य के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय है और मौसम विभाग ने भी प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी कर रखा है।

धसान नदी का जलस्तर बढ़ा

बीते 24 घंटे की स्थिति पर गौर करें तो राज्य के बरगी, तिघरा, इंदिरा सागर सहित कई अन्य बांधों का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते उनसे जल निकासी के लिए गेट खोलने पड़े हैं। बारिश के चलते कटनी के कई इलाकों में पानी भर गया है और लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इसी तरह छतरपुर जिले में मंगलवार की शाम को धसान नदी का जलस्तर बढ़ने से 50 से ज्यादा लोग फंस गए। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ और पुलिस ने एक अभियान चलाया और कई घंटे तक चले ऑपरेशन में टापू पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

यहां बाढ़ का खतरा

टीकमगढ़ जिले की निचली बस्तियों में भी पानी भरा हुआ है। जबलपुर में भी हो रही जोरदार बारिश के चलते धनवंतरी नगर, गढ़ा, गंगासागर, मदन महल, घमापुर इलाके की अनेक कॉलोनी में पानी भर गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में मानसून सक्रिय है, यहां से ट्रफ लाइन निकली है। साथ ही कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और साइक्लोन सर्कुलेशन में बदल गया है। इससे आगामी 24 घंटे में कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं दो दिन बाद वर्तमान में जो सिस्टम बना है, वह कमजोर हो जाएगा। इसके अलावा 29 और 30 जुलाई को राज्य के उत्तरी हिस्से में भारी बारिश की संभावना है।

(इनपुट-आईएनएस)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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