Nitrogen Gas Point on Yamuna Expressway: ग्रेटर नोएडा समेत पूरे यूपी में भीषण गर्मी का दौर जारी है। तपती गर्मी का असर कारों के टायरों पर बहुत ज्यादा पड़ता है। कड़क धूप में कंक्रीट से बनी सड़के गर्म होती हैं। जिससे तेज स्पीड से गुजरने वाले वाहनों के टायर जल्दी गर्म हो जाते हैं और फट जाते हैं। इसके कारण हादसा होने की संभावना भी बनी रहती है। ऐसे में टायरों को फटने से बचाने के लिए उनमें सामान्य हवा की जगह नाइट्रोजन गैस भरवानी चाहिए। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर नाइट्रोजन प्वाइंट बनाए गए हैं। इन प्वाइंट्स पर जाकर कोई भी वाहन चालक अपनी गाड़ी के टायर में नाइट्रोजन गैस भरवा सकता है।
एक्सप्रेसवे पर पांच नाइट्रोजन प्वाइंट
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसों के आंकड़ों के अनुसार एक्सीडेंट की तीसरी बड़ी वजह वाहनों का टायर फटना है। एक्सप्रेसवे पर होने वाले सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्राधिकरण ने तैयारी कर ली है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा से आगरा तक पांच जगह पर नाइट्रोजन प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां कोई भी वाहन चालक टायरों में नाइट्रोजन गैस को भरवा सकता है। नाइट्रोजन गैस टायरों को ठंडा रखने में काम आती है। इसकी मदद से टायरों को फटने से बचाया जा सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे पर मुसाफिरों के लिए ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर भी लगाए गए हैं।
इन जगहों पर बना है नाइट्रोजन प्वाइंट
ग्रेटर नोएडा से आगरा को जोड़ने वाला यमुना एक्सप्रेसवे 168 किमी लंबा है। गर्मियों के मौसम में एक्सप्रेसवे पर रोड एक्सीडेंट की संख्या बढ़ जाती है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर टायर फटने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर नाइट्रोजन गैस भरने की व्यवस्था की गई है। एक्सप्रेसवे पर प्रवेश प्वाइंट, अंतिम प्वाइंट और तीन टोल प्लाजा पर नाइट्रोजन प्वाइंट बनाया गया है। इसके अलावा ट्रैक्टर ट्रॉली के प्रवेश पर भी रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।
