ग्रेटर नोएडा

NCR के इस एक्सप्रेसवे पर बनेंगे 2 नए अंडरपास, 20 गांवों का सफर होगा आसान; टेक्निक है बेहद खास

Greater Noida-Noida Expressway Underpass: ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सप्रेसवे पर जल्द ही दो नए अंडरपास का निर्माण होने जा रहा है, जो 27 सेक्टर और 20 गांवों के लिए एक नई राह खोलेंगे। आइये जानते यह कब तक बनकर तैयार होगा?

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(फाइल फोटो)

Greater Noida-Noida Expressway Underpasses: एनसीआर के मुख्य ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सप्रेसवे पर जल्द ही दो नए अंडरपास बनाए जाएंगे। ये अंडरपास 27 सेक्टर और 20 गांवों के लिए एक नई राह खोलेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए 99.74 करोड़ और 81.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस निर्माण में बिना खुदाई के डायाफ्राम वॉल कास्ट की जाएगी, जिससे प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी। इसके बाद, जमीन के अंदर दीवारें बनाकर अंडरपास की छत को ढाल दिया जाएगा। यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि स्थानीय विकास को भी गति देगी। स्थानीय लोगों को आवागमन करने में बेहद आसानी होगी।

कहां हैं दोनों अंडरपास

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सप्रेसवे पर प्राधिकरण दो नए अंडर पास बनाने जा रहा है। सिविल विभाग के साथ मिलकर टेंडर जारी किया गया है। दोनों अंडरपास से 27 सेक्टर और 20 गांव के लोगों को लाभ होगा। हालांकि, पहले से तीन अंडर पास बनाए जा चुके हैं। इनमें से पहला अंडरपास एक्सप्रेसवे पर 16.900 किलोमीटर चैनेज पर है, जिसकी लंबाई 800 मीटर है, जिसके निर्माण पर 99.74 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इससे 9 गांवों इंडस्ट्रियल के लोगों को लाभ मिल रहा है।

दूसरा अंडरपास731 मीटर का सुल्तानपुर के पास एक्सप्रेसवे पर 6.10 किलोमीटर चैनेज पर निर्मित है। इसे बनाने में 81.61 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिससे सेक्टर 104 से 135 और 11 गांव के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बिना खुदाई के दीवारें बनाई जाएंगी। दीवारों के ऊपर अंडरपास की छत ढाल दी जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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