ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने अहम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी (फोटो: Twitter - @OfficialGNIDA)
Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के विकास और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक शनिवार को आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आईडीसी और नोएडा–ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने की, जबकि अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे प्रमुख निर्णय मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के अलाइनमेंट को स्वीकृति देना रहा। इस निर्णय से ट्रांसपोर्ट हब को मेट्रो लाइन और लॉजिस्टिक हब को रेलवे लाइन से जोड़ने का मार्ग सुनिश्चित हो गया है। 105 मीटर रोड कॉरिडोर पर 1.8 किमी लंबी एलिवेटेड मेट्रो रूट विकसित होगी, जबकि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्ट करने के लिए लगभग 3 किमी नई रेलवे लाइन बनाई जाएगी। इससे औद्योगिक ढुलाई में तेजी आएगी और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
बैठक में फ्लैट खरीदारों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उन बिल्डरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मंजूरी दी गई, जिन्होंने बायर्स को फ्लैट तो सौंप दिए हैं, लेकिन रजिस्ट्री अब तक नहीं कराई और प्राधिकरण के बकाया भुगतान भी लंबित हैं। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत रियायत पाने वाले एक दर्जन बिल्डरों से यह छूट वापस ली जाएगी, जिससे लगभग 18 हजार फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, युवाओं के रोजगार अवसर बढ़ाने के लिए सेक्टर ईकोटेक-8 में निर्माणाधीन टूल रूम को पूरा करने का प्रस्ताव समय सीमा बढ़ाकर मंजूरी दे दी गई। इस टूल रूम के संचालन के बाद 8 से 10 हजार युवा तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न उद्योगों में रोजगार पा सकेंगे। इसके अलावा, आवासीय समितियों में रहने वाले सब्सीक्वेंट मेंबर्स को अब मालिकाना हक देने का रास्ता भी साफ हो गया है, जिससे शर्तों के साथ उनके नाम की रजिस्ट्री भी संभव होगी।
इसके अलावा, सेक्टर ओमिक्रॉन-1 में तैयार फ्लैटों के लिए नई योजना भी जल्द ही ई-ऑक्शन के जरिए शुरू की जाएगी। ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर के सुचारू रखरखाव के लिए कॉरपस फंड को मंजूरी दी गई, जिससे सड़क, सीवर, पार्क, विद्युत और अन्य सुविधाओं के रखरखाव के लिए आवश्यक संसाधन सुनिश्चित होंगे। शहर में सतत परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-साइकिल सेवा की भी अनुमति दी गई है। बीओटी मॉडल के तहत चुनी गई एजेंसी विभिन्न स्थानों पर साइकिल स्टेशन स्थापित करेगी, जिससे लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में सुधार होगा और प्रदूषण कम होगा। सामाजिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग शुल्क में छूट देने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही बोर्ड के चेयरमैन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा आने वाले छात्रों के लिए छात्रावास और कार्यरत महिलाओं के लिए महिला हॉस्टल बनाने के निर्देश दिए।
(इनपुट - आईएएनएस)