गाजियाबाद

गाजियाबाद में फिर चला पीला पंजा, GDA ने तोड़े अवैध प्लॉट

गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (GDA) का रवैया अवैध प्लॉटिंग करने वालों के प्रति बिलकुल नरम दिखाई नहीं दे रहा है। सोमवार को GDA ने एक बार फिर अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलवाया। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें लगातार ऐसी जानकारियां मिल रही है कि गाजियाबाद में अवैध प्लॉटिंग हो रही है, जिसपर GDA कार्रवाई कर रहा है।

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फिर तोड़े गए अवैध निर्माण

Photo : Times Now Digital

GDA Bulldozed Illegal Plotting: अभी रविवार को ही मटियाला रोड पर एक अवैध प्लॉटिंग की कोशिश को गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (GDA) ने ध्वस्त किया था कि GDA के पीले पंजे ने एक बार फिर से आज बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को अवैध प्लॉटिंग के लिए घेरी गई बाउंड्रियों को GDA ने कार्रवाई करते हुए तोड़ दिया। यह कार्रवाई गाजियाबाद के मैनापुर इलाके में हुई है।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर उन्हें जानकारी मिल रही है कि गाजियाबाद में अवैध प्लॉटिंग हो रही है और प्रवर्तन जोन वहां पहुंचकर उनको तोड़ रहा है आज जोन 3 में कार्रवाई की गई है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।

GDA का नाम लगातार इस तरह की कार्रवाइयों में सामने आ रहा है। प्रवर्तन टीम अवैध कॉलोनियों, प्लॉटिंग और अन्य अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करती है। बीते दिनों नूरनगर सिहानी और मोरटी में बिना स्वीकृति निर्माण और अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी में सड़क, बाउंड्रीवाल और निर्माण को इसी तरह से ध्वस्त किया गया था। इसके अलावा कुछ दिनों पहले मोदीनगर में 50 बीघा भूमि पर बन रही अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई थी।

GDA ने बीते कुछ दिनों में कॉलोनाइजरों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जो अवैध निर्माण में लगे हैं।

इसके साथ GDA ने चेतावनी भी दी है कि बिना अनुमति के निर्माण करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन कार्रवाइयों के दौरान स्थानीय लोगों और निर्माणकर्ताओं के विरोध करने पर पुलिसबल की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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