Ganga Expressway Link Road Damaged: उन्नाव जिले के सोनिक क्षेत्र में कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली संपर्क सड़क पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। करीब सात मीटर लंबा हिस्सा धंसने और डामर के साथ नीचे की मिट्टी बह जाने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बशीरतगंज के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली इस सड़क के किनारे मिट्टी रोकने के लिए मानकों के अनुरूप पर्याप्त सुरक्षा कार्य नहीं किया गया था।
लोगों का कहना है कि निर्माण की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण पहली ही बारिश में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Ganga Expressway Launch 2026) ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई जिले से गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही सड़क धंसने और मिट्टी बहने जैसी आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन पर्याप्त सुधार नहीं किए गए। शुक्रवार शाम जब क्षतिग्रस्त सड़क का मीडियाकर्मी कवरेज और फोटो लेने पहुंचे तो मौके पर मौजूद कार्यदायी संस्था के लोगों ने उन्हें फोटो खींचने से रोकने का प्रयास किया।
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पहले भी आ चुकी समस्याएं
उनका कहना था कि एक्सप्रेसवे पर मीडिया को फोटो लेने की अनुमति नहीं है। सूत्रों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के संचालन से पहले भी सोनिक की सर्विस लेन और मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क धंसने, मिट्टी निकलने तथा रेलिंग क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएं सामने आई थीं। बाद में इन कमियों की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन पहली ही बारिश में दोबारा सड़क क्षतिग्रस्त होने से मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू
घटना के बाद कार्यदायी संस्था ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी। घटना को लेकर प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, उप जिलाधिकारी (सदर) क्षितिज द्विवेदी ने बताया पूरी परियोजना उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की है लिहाजा जांच अथवा अन्य कार्रवाई यूपीडा की ओर से ही होनी है।
